
झांसी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, नए डीएम गौरांग राठी ने संभाली कमान
झांसी। उत्तर प्रदेश शासन ने झांसी जनपद में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों की तैनाती की है। इस बदलाव के तहत 2014 बैच के आईएएस अधिकारी गौरांग राठी को झांसी का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके आने से जिले में प्रशासनिक कार्यों में नई गति और पारदर्शिता की उम्मीद जताई जा रही है। गौरांग राठी मूल रूप से मेरठ के निवासी हैं। उन्होंने आईआईटी से टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है और वर्ष 2013 की सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 40वीं रैंक प्राप्त कर प्रशासनिक सेवा में आए। अपने अब तक के कार्यकाल में वे उन्नाव और भदोही जैसे जनपदों में जिलाधिकारी के रूप में कार्य कर चुके हैं, साथ ही विभिन्न नगर निगमों में नगर आयुक्त की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनकी पहचान एक सक्रिय, अनुशासित और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में की जाती है। वहीं, वर्तमान जिलाधिकारी मृदुल चौधरी का स्थानांतरण कर उन्हें विशेष सचिव, पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन एवं निदेशक पर्यटन के पद पर भेजा गया है। उनके कार्यकाल में कई विकास योजनाओं को गति मिली, जिसे प्रशासनिक स्तर पर सकारात्मक माना गया। इस फेरबदल के तहत झांसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आलोक कुमार को जिलाधिकारी शामली के पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं झांसी के मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद को अपर श्रमायुक्त, कानपुर नगर के पद पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई नियुक्तियों की बात करें तो रामेश्वर सुधाकर सब्बनबाड़ को झांसी का नया मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही हिमांशु गौतम को झांसी विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक हलकों में इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नए जिलाधिकारी गौरांग राठी के नेतृत्व में जिले में विकास परियोजनाओं को तेजी मिलेगी और जनसमस्याओं के समाधान में अधिक प्रभावशीलता देखने को मिलेगी। आम जनता को भी इस बदलाव से बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और जवाबदेही की उम्मीद है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि यह प्रशासनिक फेरबदल जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है और झांसी के विकास को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।