
निजी स्कूलों की मनमानी फीस और यूनिफॉर्म/कोर्स सिस्टम से अभिभावक परेशान
झांसी । जनपद झांसी सहित आसपास के क्षेत्रों में निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी फीस और यूनिफॉर्म व कोर्स सामग्री को लेकर अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि और महंगे पैकेज थोपे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। अभिभावकों का कहना है कि कई निजी स्कूल हर वर्ष बिना स्पष्ट कारण के 10 से 25 प्रतिशत तक फीस बढ़ा देते हैं। इसके अलावा एडमिशन फीस, वार्षिक शुल्क, स्मार्ट क्लास शुल्क और अन्य मदों के नाम पर अतिरिक्त वसूली की जा रही है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कई अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा यूनिफॉर्म और किताबें केवल निर्धारित दुकानों से ही खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है। इन दुकानों पर सामान की कीमत बाजार से काफी अधिक होती है। इतना ही नहीं, हर साल किताबों का सिलेबस या प्रकाशक बदल दिया जाता है, जिससे पुराने सत्र की किताबें किसी काम की नहीं रह जातीं। स्कूलों द्वारा तैयार किए गए कोर्स पैकेज में कॉपियां, किताबें और अन्य सामग्री शामिल होती है, जिनमें कई वस्तुएं अनावश्यक होती हैं। इसके बावजूद अभिभावकों को पूरा पैकेज खरीदने के लिए विवश किया जाता है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार द्वारा फीस नियंत्रण और पारदर्शिता को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन उनका पालन जमीनी स्तर पर नहीं हो रहा है। प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई न होने से स्कूलों के हौसले बुलंद हैं। पीड़ित अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निजी स्कूलों की फीस संरचना की जांच की जाए, अनावश्यक शुल्क पर रोक लगाई जाए तथा यूनिफॉर्म और किताबें खुले बाजार से खरीदने की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाए। यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में शिक्षा आम लोगों की पहुंच से और दूर होती चली जाएगी। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।