
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा बिजौली प्रभारी व काँस्टेबिल को किया सस्पेंड
झाँसी। दिसंबर 2025 में कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर द्वारा सरकारी फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। हालांकि, मुख्य आरोपी इफको टोकियो का जिला कोऑर्डिनेटर मुकेश कुमार अब भी फरार है। पुलिस के अनुसार मुकेश कुमार की पहचान और ठिकानों की जानकारी जुटाने के लिए अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इसी सिलसिले में बिजौली चौकी प्रभारी और एक कांस्टेबल पूर्व में मुकेश कुमार के किराए के स्थान सरयू विहार कॉलोनी, आवास विकास स्थित त्रिपाठी परिवार के घर जांच के लिए गए। उस समय घर में केवल त्रिपाठी की पत्नी और बहू थीं। पुलिसकर्मियों ने किरायानामा न होने का हवाला देते हुए परिवार पर दबाव बनाया और तत्काल बेटे को बुलाने को कहा, जो उस समय बाजार गया हुआ था। बेटे के आने पर दोनों पुलिसकर्मियों ने परिवार को मामले में फंसाने की धमकी दी और इस मुद्दे को रफा-दफा करने के लिए रुपये की मांग की। साथ ही, उन्हें यह निर्देश दिया कि मुहल्ले में किसी को घटना के बारे में न बताएं और किसी को फोन भी न करें। परिवार घबरा गया और पहले किसी को कुछ नहीं बता पाया। रात में पुलिसकर्मियों ने पुनः रकम की मांग के लिए फोन किया, तब परिवार के बेटे ने हिम्मत जुटाकर मुहल्ले के लोगों और अपने अधिवक्ता मित्र को फोन पर इस बारे में जानकारी दी। अधिवक्ता ने परिवार को पैसे न देने की सलाह दी। अगले दिन परिवार शिकायत लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और पूरी आपबीती बताई। घटना सुनते ही एसएसपी ने तुरंत संबंधित चौकी प्रभारी और कांस्टेबल को बुलाया और पीड़ित परिवार के सामने सामना कराया। आरोपियों ने सामने देखकर पैसे मांगने की बात खारिज कर दी। हालांकि, पीड़ित परिवार ने पूरी घटना विस्तार से बताई। इस पर एसएसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को जमकर फटकार लगाई और वायरलेस सेट पर तत्काल निलंबन का आदेश दे दिया। उन्होंने साफ किया कि विभाग में अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसएसपी ने पीड़ित परिवार को आश्वासन और भरोसा दिलाया कि उनके साथ न्याय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में किरायेदार रखने से पहले किरायानामा अवश्य बनवाएं और पुलिस वेरिफिकेशन कराएं। इसके अलावा उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस की छवि धूमिल करने वाले किसी भी कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले की विस्तृत जांच सीओ सिटी द्वारा की जा रही है और आगे विभागीय कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। पुलिस यह भी सुनिश्चित कर रही है कि मुकेश कुमार की खोज में लगाई गई टीमें उसके ठिकानों की सही जानकारी जुटा सकें और मुख्य आरोपी जल्द गिरफ्तार हो।