
Heavy Engineering Corporation Limited में हड़ताल आंशिक सफल, उत्पादन प्रभावित
रांची, झारखंड। एचईसी में 12 फरवरी को आहूत हड़ताल आंशिक रूप से सफल रही। सुबह 6 बजे से 8:30 बजे तक हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला और बड़ी संख्या में कामगारों ने कामकाज ठप रखा। हालांकि सुबह 9 बजे के बाद हड़ताल में शामिल कर्मचारियों की संख्या घटकर लगभग 25 प्रतिशत रह गई तथा धीरे-धीरे काम पर लौटने वालों की संख्या बढ़ती गई। प्रबंधन की ओर से पूरे समय मुख्य गेट खुला रखा गया और कर्मचारियों को उपस्थिति दर्ज कराने की अनुमति दी गई। इससे कई कर्मचारी ड्यूटी पर लौट गए। हटिया मजदूर यूनियन (सीटू) ने आरोप लगाया कि Indian National Trade Union Congress (इंटक) और All India Trade Union Congress (एटक) से संबद्ध स्थानीय यूनियनों ने हड़ताल का समर्थन नहीं किया। बताया गया कि इन संगठनों द्वारा दो दिन पहले से हड़ताल के विरोध में प्रचार किया गया। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर एटक 12 फरवरी की देशव्यापी हड़ताल के आह्वान में शामिल है। इंटक की स्थानीय यूनियन ने समाचार पत्रों में बयान जारी कर एचईसी में हड़ताल का विरोध किया और सुबह 10:30 बजे प्रदर्शन की घोषणा की। वहीं हटिया मजदूर यूनियन ने दोपहर 1 बजे मुख्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया, जिसमें अच्छी संख्या में मजदूर शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने फिक्स्ड टर्म रोजगार व्यवस्था समाप्त करने, चार श्रम कानूनों को निरस्त करने, सार्वजनिक उपक्रमों को राहत पैकेज देने, उद्योगों की बिक्री रोकने, एचईसी को बैंक गारंटी देने तथा संस्थान के आधुनिकीकरण की मांग उठाई। यूनियन अध्यक्ष भवन सिंह ने हड़ताल और प्रदर्शन में शामिल सभी कामगारों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यदि सभी राष्ट्रीय श्रमिक संगठन संयुक्त रूप से हड़ताल का समर्थन करते तो इसका प्रभाव और व्यापक होता। इसके बावजूद हड़ताल से उत्पादन कार्य प्रभावित हुआ है।