
जल संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण का अनुपम उदाहरण है परमार्थ का जल सहेली मॉडल- डॉ. मुहम्मद नईम
झाँसी, 2 नवम्बर 2025। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी के समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों ने क्षेत्रीय कार्य भ्रमण के अंतर्गत परमार्थ समाजसेवी संस्थान द्वारा संचालित जल सहेली मॉडल गाँव बमहौरी एवं तालबेहट क्षेत्र की जलीय संरचनाओं का भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य परमार्थ संस्था द्वारा ग्रामीण समुदाय के कल्याण हेतु किए जा रहे विकास कार्यों, जल संरक्षण के प्रयासों तथा महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से संचालित जल प्रबंधन के नवाचारों को समझना था। विद्यार्थियों ने गाँव में निर्मित जल संरक्षण संरचनाओं, महिला जल सहेलियों की भूमिका तथा परमार्थ संस्था के सामुदायिक विकास कार्यक्रमों का अवलोकन किया। संस्था के प्रतिनिधि मानवेन्द्र सिंह एवं भूपेन्द्र कुमार ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण के मॉडल, ग्रामीण सहभागिता तथा सतत विकास की अवधारणा पर विस्तृत जानकारी दी। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बमहौरी गाँव स्थित चौकडम एवं वाडी परियोजना के अंतर्गत प्रगतिशील कृषक मनीराम के खेत का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने स्वदेशी पद्धति से बंजर भूमि को कृषि योग्य बनाकर जैविक खेती का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर जल सहेलियाँ श्रीकुंवर, पुष्पा विश्वकर्मा, लाड़कुंवर और सोना बहिन ने अपने अनुभव साझा करते हुए जल संरक्षण हेतु किए गए संघर्षों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। क्षेत्रीय कार्य समन्वयक डॉ. मुहम्मद नईम ने कहा कि -“समाज कार्य पाठ्यक्रम के अनुरूप क्षेत्रीय कार्य भ्रमण विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं और सामुदायिक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होते हैं। परमार्थ समाजसेवी संस्थान का जल सहेली मॉडल जल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण का अनुपम उदाहरण है, जो ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम बन चुका है।” इस अवसर पर परमार्थ संस्था से रोहित सिंह, सर्वेश सिंह, श्रीमती गुंजा चतुर्वेदी, तथा समाज कार्य विभाग से हिमांशी यादव, मोहम्मद तलहा, अनीता अवस्थी, मोहित कुशवाहा, प्रहलाद यादव, अभिषेक सिंह, अंशिका त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।