
बुंदेलखंड की लोक परंपराओं को जीवित रखने के लिए दृणसंकल्पित प्राथमिक विद्यालय अमखेड़ा
जालौन । बुंदेलखंड के लोकपर्व टेसू और झिंझिया को जीवंत रखने और इस लोकपर्व में बच्चों की दिलचस्पी बनाए रखने के लिए आज प्राथमिक विद्यालय अमखेड़ा विकास खंड माधौगढ़ में इस पर्व के मद्देनजर बच्चों ने अपने हाथ से टेसू बनाए। बच्चों ने पूरे हर्षाेल्लास के साथ प्रतिभाग किया। साथ ही विद्यालय के प्रधानाध्यापक विपिन उपाध्याय ने छात्रों को टेसू के इतिहास के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने विभिन्न प्रकार के लोकगीत गाए और पूरे आनंद के साथ इसमें प्रतिभाग किया। विद्यालय के शिक्षक श्याम जी ने छात्रों को विभिन्न कहानियां सुनाई और साथ ही इस परंपरा को जीवंत रखने और अगली पीढ़ियों तक ले जाने के बच्चों को संदेश दिया। विद्यालय की शिक्षिकाएं सविता कुशवाहा और अनु गुप्ता ने बच्चों को टेसू बनाने में मदद की। टेसू का इतिहास जानकर बच्चों में एक रुचि जागृत हुई और वह पूरे आनंद के साथ कही हुई बातों को सुना। विद्यालय के शिक्षकों का यह उद्देश्य था कि यह जो लोकपर्व और लोकगीत हैं यह धीमे धीमे विलुप्त होते जा रहे हैं जबकि यह बुंदेलखंड क्षेत्र की पहचान है। और हमें इन्हें संरक्षित रखना चाहिए। रिपोर्ट - राजीव पोरवाल जिला संवाददाता उरई (जालौन)