श्री रामलीला महोत्सव के मंच से पुलिस अधिकारियों ने किया जनजागरूकता का आह्वान

श्री रामलीला महोत्सव के मंच से पुलिस अधिकारियों ने किया जनजागरूकता का आह्वान

Written by Prem Prakash Agarwal 2025-09-30 News
कानपुर नगर (काका देव क्षेत्र)रू कोतवाली काका देव क्षेत्र में चल रहे श्री रामलीला महोत्सव का मंच सांस्कृतिक उल्लास के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का भी केन्द्र बना। महोत्सव के कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह, परिवार परामर्श समिति के वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिवकरन वर्मा तथा उनकी सहयोगी टीम को आयोजन समिति ने पुष्पाहार कर एवं “श्री राम नाम” की पट्टिका ओढ़ाकर सम्मानित किया। समारोह और सम्मान: समिति द्वारा सम्मानित किए जाने के पश्चात मंच सम्भ्रांत महात्म्यों और स्थानीय नागरिकों से भरा रहा। सम्मान स्वीकार करते हुए अधिकारियों ने जनता का आभार व्यक्त किया और यह भरोसा दिलाया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाये रखना नहीं, बल्कि समुदाय के साथ मिलकर सामाजिक समस्याओं का निवारण करना भी है। समिति के प्रतिनिधियों ने इस पहल के लिए पुलिस के प्रति कृतज्ञता जताई और कहा कि ऐसे संवाद स्थानीय समरसता को मजबूत करते हैं। मंचीय संबोधन कृ मुख्य मुद्दे: मंच से अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक और वरिष्ठ उपनिरीक्षक ने अपने अनुभवों के माध्यम से तीन बड़े सामाजिक विषयों पर व्यापक रूप से बात कीकृ नारी सुरक्षा एवं सम्मानरू उन्होंने घरेलू हिंसा, सुरक्षित आवागमन और शिकायत प्रवाह में पारदर्शिता जैसे बिंदुओं पर चर्चा की तथा महिलाओं से आग्रह किया कि किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय पुलिस से निसंकोच सहायता लें। नशा और पारिवारिक विनाशरू नशे के कारण टूटते परिवारों, बिगड़ती नौजवान पीढ़ी और समाज पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों पर उन्होंने चेतावनी दी। साथ ही नशा मुक्ति के लिए सामुदायिक, शैक्षिक और प्रशासनिक स्तर पर समन्वित उपायों की जरूरत पर बल दिया। सामाजिक सौहार्द व जिम्मेदारी: धर्म, रुढ़ि तथा सांस्कृतिक आयोजनों में एक-दूसरे का सम्मान और सह-अस्तित्व बनाए रखने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि पर्वों के दौरान आपसी सहयोग और संयम ही सामूहिक सुरक्षा की कुंजी है। उदाहरण और अनुभव साझा करना: अधिकारियों ने मंच से अपनी पुलिसिंग के कुछ वास्तविक अनुभव साझा किएकृकिस प्रकार समय पर हस्तक्षेप और सामुदायिक सहयोग ने किसी घटना को बढ़ने से रोका, या कैसे परिवार परामर्श तथा पुनर्वास से कुछ परिवारों को पुनर्निर्माण का मौका मिला। इन अनुभवों ने श्रोताओं को विषय की गंभीरता और सामूहिक जिम्मेदारी का बोध कराया। दर्शकों की प्रतिक्रिया और संवाद: उपस्थित दर्शकों ने अधिकारियों के विचारों का स्वागत करतल ध्वनि से किया। अनेक स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और युवाओं ने सवाल पूछे और समस्याओं के स्थायी हल के बारे में सुझाव दिए। कार्यक्रम के अंत में कई लोगों ने यह संकल्प जताया कि वे व्यक्तिगत स्तर पर नशे व हिंसा के विरुद्ध जागरूकता फैलाएंगे तथा महिलाओं के सम्मान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। महत्व और निहित सन्देश: श्री रामलीला जैसे सांस्कृतिक आयोजन न केवल धार्मिक या नाट्य रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये समुदाय को जोड़ने, समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के बीज बोने का अच्छा अवसर भी प्रदान करते हैं। पुलिस द्वारा ऐसे मंचों का उपयोग जनजागरूकता के लिए करना प्रशासन और जनता के बीच भरोसे को पक्का करता है और सामाजिक समरसता को बढ़ाता है। समापन: कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं हैकृयह शिक्षा, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी का संयोजन भी है। आयोजकों व समिति ने पुलिस के प्रयासों की प्रशंसा की तथा भविष्य में इस तरह के संयुक्त कार्यक्रमों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। रिपोर्ट: ओमप्रकाश उदैनियाँ