
प्राथमिक विद्यालय अमखेड़ा में नवरात्रि के पावन पर्व पर छात्रों द्वारा परंपरागत तरीके से डांडिया और गरबा खेला गया
जालौन । नवरात्रि के पावन पर्व में प्राथमिक विद्यालय अमखेड़ा में छात्रों द्वारा परंपरागत तरीके से डांडिया और गरबा खेला गया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में विकास खंड माधौगढ़ के खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञान प्रकाश अवस्थी ने बच्चों को प्रोत्साहित किया। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि बच्चों को भारतीय परम्पराओं और विविधता में एकता को लेकर सभी को एक दूसरे की परम्पराओं का आदर करना चाहिए और उसमें प्रतिभाग करना चाहिए। अपने अनोखे अंदाज और राज्य स्तर पर कई बार सराहे जा चुके विद्यालय प्राथमिक विद्यालय अमखेड़ा में राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक विपिन उपाध्याय हमेशा कुछ न कुछ नया करते हैं जो पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन जाता है। इसी क्रम में विद्यालय के शिक्षक श्याम जी ने बताया कि शनिवार को मध्यान्ह भोजन के बाद छात्रों को एक्टिविटी करवाई जाती है। जिसके तहत नवरात्रि के पावन दिनों में आज छात्रों को संस्कृति और परम्पराओं के प्रति जागरूक करने एवं जोड़ने के लिए डांडिया और गरबा का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक विपिन उपाध्याय ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को विभिन्न राज्यों के तिथि त्यौहार के बारे में जागरूक करना है। और इससे देश की अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने की भावना बच्चों में विकसित होगी। उन्होंने बताया कि गरबा गुजरात का पारंपरिक लोक नृत्य है और देश की विभिन्न परंपराओं के बारे में छात्रों को जागरूक करने के लिए ऐसा आयोजन प्राथमिक विद्यालय अमखेड़ा में किया गया। जिससे छात्र अपने देश के बारे में गहनता से जान सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालय अब किसी से कम नहीं हैं यहां छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखा जाता है। छात्रों ने पारंपरिक परिधान में डांडिया भी खेला और विद्यालय के सहायक अध्यापक श्याम जी ने छात्रों के लिए डांडिया बनाए और सविता कुशवाहा एवं अनु गुप्ता ने बच्चों को गरबा के बारे में जानकारियां प्रदान की। तत्पश्चात हलुआ वितरित किया गया। नन्हें छात्रों ने विद्यालय प्रांगण में खूब आनंद के साथ ज्ञान और संस्कृति को जीवंत किया। जिसे देखकर ग्रामीण जन भी प्रफुल्लित हो उठे। रिपोर्ट- राजीव पोरवाल जिला संवाददाता उरई (जालौन)