
“पंच परिवर्तन - समाज परिवर्तन- हमारी भूमिका” विषय पर विचार गोष्ठी संपन्न
झांसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ झांसी महानगर इकाई द्वारा “पंच परिवर्तन दृ समाज परिवर्तनरू हमारी भूमिका” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. अशोक कुमार सिंह, कुलपति महारानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता प्रो. मुकेश पांडे, कुलपति बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी ने की। मुख्य वक्ता के रूप में संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री स्वांत रंजन जी ने विचार व्यक्त किए। विचार गोष्ठी “श्रद्धा में विश्वास बढ़ाकर सामाजिक सद्भाव जगाएं, अपने प्रेम और परिश्रम के बल भारत में नए सूर्य उगाएं” की अवधारणा के साथ सादगीपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। मुख्य वक्ता स्वांत रंजन ने कहा कि प्राचीन भारत में ऋषि-मुनियों ने भारतीय संस्कृति को गाँव-गाँव तक पहुँचाया था। आज आवश्यकता है कि देशहित में कार्य करने वाले महापुरुषों को एक मंच पर लाकर विचार-विमर्श किया जाए। उन्होंने कहा, “संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने देशहित को सर्वाेपरि मानकर संगठन खड़ा किया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नारा ‘दो निशान, दो विधान, दो प्रधान नहीं चलेंगे’ आज भी प्रासंगिक है। एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास और अभ्यास जरूरी है।” मुख्य अतिथि प्रो. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि विज्ञान ने भले ही उल्लेखनीय प्रगति की हो, लेकिन भारत को आत्मनिर्भरता की दिशा में अभी और आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में संगठित परिवार की संकल्पना को पुनः स्थापित करना आज की सबसे बड़ी सामाजिक चुनौती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. मुकेश पांडे ने भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाकाव्य नवाचार की प्रेरणा देते हैं, रामायण जीवन मूल्यों को सिखाती है और भगवद गीता कर्म की प्रधानता का संदेश देती है। इस अवसर पर विभाग संघचालक शिवकुमार भार्गव, महानगर संघचालक सतीश चरण अग्रवाल, क्षेत्र संघचालक अनिल श्रीवास्तव, प्रांत कार्यवाह रामकेश विजय, मनोज कुमार विभाग प्रचारक, सक्षम जी महानगर प्रचारक, सचिन जी सह महानगर प्रचारक धर्मेंद्र सहित अनेक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समुच्य पाठक ने एकल गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावपूर्ण बनाया।