
डेढ़ साल तक ब्लैकमेल और गैंगरेप की शिकार युवती ने की आत्महत्या की कोशिश
जालौन। जनपद जालौन में ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां करीब डेढ़ साल से लगातार यौन शोषण का शिकार हो रही एक युवती ने तंग आकर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सात लोगों के खिलाफ गैंगरेप और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पूरा मामला आटा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता की मां ने पुलिस को शिकायत पत्र देते हुए बताया कि 29 फरवरी 2024 को उनकी बेटी पड़ोस में रहने वाले समीर के घर गई थी। वहीं पर समीर और उसकी मां शाहीन ने उसे कुछ खिलाकर बेहोश कर दिया, जिसके बाद समीर ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया। इस वीडियो की आड़ में समीर करीब डेढ़ वर्ष से अधिक समय तक उसकी बेटी को लगातार ब्लैकमेल करता रहा और उसके साथ यौन शोषण करता रहा। समाज में बदनामी के डर से बेटी ने यह बात परिवार को नहीं बताई। पीड़िता की मां ने बताया कि जब उसका परिवार मजदूरी के लिए दिल्ली चला गया, तो समीर ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर बेटी को वापस गांव बुलाया तो बेटी बिना बताये वापस आ गई। जब मैं दिल्ली से वापस आई तो बेटी ने बताया कि 21 सितंबर 2025 को सुबह करीब 3 बजे समीर ने एक बार फिर उसकी बेटी का यौन शोषण किया। इतना ही नहीं, उसके मौसी के लड़के कल्लू और मन्नू ने भी बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसका विरोध करने पर समीर, उसके भाई दिलशाद, मां रेशमा, मौसी शाहीन, और मामा भूरा ने पीड़िता और उसके परिवार को जाति सूचक शब्द कहकर अपमानित किया और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इससे आहत होकर और बदनामी के डर से पीड़िता ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने उसे बचा लिया। पुलिस ने लड़की की मां की शिकायत पर पुलिस ने समीर, शाहीन, कल्लू, मन्नू, दिलशाद, रेशमा और भूरा सहित सात आरोपियों के खिलाफ धारा 123, 70 (1), BNS और 3 (2) (v) एसी/एसटी एक्ट धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट- राजीव पोरवाल जिला संवाददाता उरई (जालौन)