जनसुनवाई में साकार हुआ ‘मिशन शक्ति 5.0’ का संकल्प दिव्यांग मां-बेटी का शिक्षा और आवास का सपना हुआ साकार

जनसुनवाई में साकार हुआ ‘मिशन शक्ति 5.0’ का संकल्प दिव्यांग मां-बेटी का शिक्षा और आवास का सपना हुआ साकार

Written by Prem Prakash Agarwal 2025-09-25 News
उरई जालौन। महिला सशक्तिकरण और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बन रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत जनपद जालौन में मानवीयता से भरा एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की जनसुनवाई के दौरान दिव्यांग मां-बेटी की समस्या का न केवल संज्ञान लिया गया, बल्कि कुछ ही घंटों में उनके जीवन की दिशा ही बदल गई। उमरारखेड़ा निवासी दिव्यांग देवेंद्र प्रताप सिंह अपनी पत्नी क्रांति देवी और पुत्री निहारिका गौतम के साथ जनसुनवाई में पहुंचे। बाहर खड़ी क्षेत्राधिकारी उरई अर्चना सिंह ने दिव्यांग दंपत्ति को देखकर तुरंत सहारा दिया और स्वयं उन्हें जिलाधिकारी कक्ष तक लेकर गईं। जैसे ही यह परिवार जिलाधिकारी के सामने पहुंचा, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने अपनी कुर्सियां छोड़कर दिव्यांग मां-बेटी को सम्मानपूर्वक बैठाया। जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता और करुणा का परिचय देते हुए उनकी पूरी बात ध्यानपूर्वक सुनी। प्रार्थना पत्र में बताया गया कि निहारिका, जो कक्षा 10 की छात्रा है, की फीस जमा करने में परिवार असमर्थ है और उनके पास रहने के लिए पक्का मकान भी नहीं है। स्थिति को समझते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को छात्रा की शिक्षा न रुके यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारी को शाम तक आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के लिए आदेशित किया। यह त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई न केवल एक परिवार के जीवन में उजाला लेकर आई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि मिशन शक्ति 5.0 केवल योजनाओं और घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन-प्रशासन के संवेदनशील और मानवीय चेहरे को भी उजागर करता है। आज दिव्यांग मां-बेटी की आंखों में नए भविष्य की चमक है कृ जहां बेटी अपनी पढ़ाई पूरी कर आत्मनिर्भरता की राह पर चलेगी और परिवार को सुरक्षित छत का सुकून मिलेगा। रिपोर्ट-राजीव पोरवाल जिला संवाददाता उरई (जालौन)