आयुर्वेदिक पद्धति हमारी प्राचीन धरोहर, रोगमुक्त जीवन की आधारशिला: जिलाधिकारी

आयुर्वेदिक पद्धति हमारी प्राचीन धरोहर, रोगमुक्त जीवन की आधारशिला: जिलाधिकारी

Written by Prem Prakash Agarwal 2025-09-23 News
उरई (जालौन)। दशम आयुर्वेदिक दिवस के अवसर पर जनपद के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने फीता काटकर किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित मरीजों और उनके तीमारदारों से संवाद कर उनका हाल-चाल जाना तथा शिविर की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा प्रणाली है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में भी आयुर्वेद की प्रासंगिकता और महत्व और बढ़ गया है, क्योंकि यह न केवल रोगों के उपचार में सहायक है, बल्कि रोगों की रोकथाम और जीवनशैली में सुधार पर भी जोर देता है। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक लोगों तक आयुर्वेदिक चिकित्सा के लाभ और जानकारी पहुँचाएं। साथ ही मरीजों को बताया कि आयुर्वेद केवल औषधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह योग, प्राणायाम, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या से जुड़ा एक समग्र जीवन दर्शन है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, उप जिलाधिकारी विनय मौर्य, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अरुण कुमार गुप्त, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पूजा सिंह राजपूत सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। रिपोर्ट- राजीव पोरवाल जिला संवाददाता उरई (जालौन)