
जिलाधिकारी ने तहसील जालौन में विभिन्न पटलों का किया गहन निरीक्षण, पारदर्शिता एवं त्वरित निस्तारण पर दिया जोर
जालौन। संपूर्ण समाधान दिवस के उपरांत जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने तहसील जालौन के विभिन्न पटलों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रजिस्ट्रार कानून गो भूलेख पटल, खतौनी कक्ष, आय-जाति प्रमाण पत्र पटल सहित अन्य महत्वपूर्ण शाखाओं की कार्यप्रणाली को परखा और अधिकारियों को पारदर्शिता एवं सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रजिस्ट्रार कानून गो भूलेख पटल का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी ने उप निबंधक कार्यालय से प्राप्त बैनामा नामांतरण वादों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्वयं आरसीसीएमएस पोर्टल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में एक भी बैनामा लंबित न मिलने पर उन्होंने तहसीलदार को निर्देश दिया कि पटल सहायक को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाए। खतौनी कक्ष में पहुंचे जिलाधिकारी ने किसानों से संवाद भी किया। उन्होंने एक किसान से पूछा कि खतौनी प्राप्त करने में कितनी राशि ली गई है, जिस पर किसान ने बताया कि केवल अनुमन्य 15 रुपये ही लिए गए। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष जताया। इसके बाद आय-जाति पटल और आईजीआरएस पोर्टल का निरीक्षण किया गया। यहां तीन आवेदन पेंडिंग पाए गए, किंतु कोई भी आवेदन डिफाल्टर की श्रेणी में नहीं था। जिलाधिकारी ने लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि जिस कक्ष में आय एवं जाति प्रमाण पत्र तैयार किए जाते हैं, वहां स्पष्ट सूचना अंकित नहीं है। इस पर उन्होंने उप जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि उसी दिन वॉल पेंटिंग कराकर यह जानकारी अंकित की जाए, ताकि आमजन को तुरंत पता चल सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जिम्मेदारियों का एहसास कराते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था हर स्तर पर जनोपयोगी और सुलभ होनी चाहिए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, उप जिलाधिकारी विनय मौर्य, नायब तहसीलदार गौरव कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। रिर्पाट- राजीव पोरवाल जिला संवाददाता उरई (जालौन)