
विद्यार्थी पढ़ाई से शेष समय का उपयोग क्षय रोगियों की खोज कर टीबी मुक्त भारत बनाने में करें – यू एन सिंह
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों ने जीवन शाह तिराहे स्थित जिला क्षय रोग विभाग का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विभाग में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार की प्रक्रिया और राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के क्रियान्वयन के विषय में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यू. एन. सिंह ने कहा कि क्षय रोग का इलाज संभव है तथा रोगियों के साथ हमें सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी पढ़ाई से शेष समय का उपयोग अपने मुहल्ले, ग्राम और बस्ती में क्षय रोगियों की पहचान कर उन्हें उपचार हेतु चिकित्सालय लाएं और उनके उपचार में सहयोग करें, ताकि क्षय रोग (टीबी) मुक्त भारत बनाने का नरेंद्र मोदी का स्वप्न पूर्ण हो सके। इस अवसर पर डॉ. अमरेन्द्र तिवारी, आशीष अग्रवाल (डीटीसी), शैलेंद्र यादव (सीएसओ) एवं रूपेश नामदेव (परामर्शदाता) ने विद्यार्थियों को क्षय रोग और एचआईवी/एड्स की पहचान, जांच, परामर्श तथा क्षय रोगियों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क दवाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही मरीजों को मिलने वाले पोषण आहार, परामर्श सेवाओं तथा नियमित निगरानी की प्रक्रिया पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों ने क्षय रोगियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और अनुभवों को समझने का प्रयास किया तथा विभाग में उपलब्ध संसाधनों, स्टाफ की भूमिका और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के धरातलीय प्रभाव का भी अवलोकन किया। समाजकार्य विभाग के क्षेत्रीय कार्य समन्वयक मुहम्मद नईम ने बताया कि इस प्रकार के भ्रमण से छात्रों को सामाजिक सरोकारों, स्वास्थ्य सेवाओं और जनहितकारी योजनाओं के वास्तविक स्वरूप की गहन जानकारी मिलती है, जिससे भविष्य में उन्हें शोध कार्य और सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने में मदद मिलेगी। भ्रमण के अंत में, डॉ. मुहम्मद नईम ने क्षय रोग विभाग के अधिकारियों एवं स्टाफ को आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्रीमती गुंजा चतुर्वेदी, प्रांजल नामदेव, चंचल धाकड़, हिमांशी यादव, रोहन कुमार, मोहम्मद तलहा, अभिषेक सिंह आदि उपस्थित रहे।