जालौन में बड़ा खुलासा! सरकारी कोटे का चावल चोरी-छुपे बिकने जा रहा था

जालौन में बड़ा खुलासा! सरकारी कोटे का चावल चोरी-छुपे बिकने जा रहा था

Written by Prem Prakash Agarwal 2025-09-17 News
उरई (जालौन)। गरीब जनता के हिस्से का अनाज खुले बाजार में बेचने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर बड़ी सफलता हासिल की है। तहसील माधौगढ़ क्षेत्र के ग्राम ईंटों में चेकिंग के दौरान एक पिकअप गाड़ी (नंबर UP 79 T 8664) से भारी मात्रा में सरकारी कोटे का चावल बरामद किया गया। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में पुलिस टीम भी मौजूद रही। चेकिंग के दौरान जब वाहन को रोका गया, तो उसमें भरा चावल किसी निजी व्यापारी के यहां सप्लाई करने ले जाया जा रहा था। संदेह होने पर वाहन को कब्जे में लेकर चावल का सैंपल लैब भेजा गया है, जिससे यह पुष्टि हो सके कि यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों को मिलने वाला चावल ही है या नहीं। 📌 जांच के घेरे में कोटा डीलर और सप्लाई चेन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि लैब रिपोर्ट में चावल सरकारी कोटे का पाया गया तो संबंधित कोटा डीलर पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 व भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूरे मामले की तह तक जाने के लिए वाहन चालक, वाहन स्वामी तथा संबंधित गोदाम या राशन दुकान के स्टॉक रजिस्टर की भी जांच की जाएगी। ⚖️ कठोर दंड की तैयारी पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस प्रकरण में धारा 409 (आपराधिक न्यासभंग) व धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर दर्ज की जा सकती है। दोषी पाए जाने पर संबंधित डीलर का लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा और कारावास व जुर्माने की सजा भी हो सकती है। 📣 प्रशासन का बयान नायब तहसीलदार ने कहा कि — “गरीबों का अनाज बीच रास्ते में बेचना बेहद गंभीर अपराध है। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी होने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट - राजीव पोरवाल जिला संवाददाता उरई (जालौन)