कांवड़ यात्रा के दौरान राजमार्गों के डिवाइडरों पर बने कट पर सड़क दुर्घटनाओं के बचाव हेतु डयूटियां लगाना करें सुनिश्चित

कांवड़ यात्रा के दौरान राजमार्गों के डिवाइडरों पर बने कट पर सड़क दुर्घटनाओं के बचाव हेतु डयूटियां लगाना करें सुनिश्चित

Written by Prem Prakash Agarwal 2025-07-11 News
झाँसी । पुलिस उपमहानिरीक्षक झाँसी परिक्षेत्र झाँसी केशव कुमार चौधरी महोदय द्वारा रेंज के जनपद झांसी, जालौन व ललितपुर के जनपद प्रभारियों के साथ मासिक अपराध समीक्षा बैठक व साइबर थाना प्रभारियों के साथ बैठक आहूत कर बैठक के दौरान निम्न बिन्दुओं पर समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। अपराध समीक्षा, लम्वित विवेचना का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, जघन्य/महिलाओं/बच्चों से सम्बन्धित अपराध, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और हिस्ट्रीशीट, अवैध कारोबार, तस्करी के विरूद्ध कार्यवाही, घटनाएं एवं उनका अनावरण, महिला सुरक्षा को प्राथमिकता, आगामी त्योहार एवं कानून व्यवस्था, बीट प्रणाली, रात्रि गश्त और निगरानी, सोशल मीडिया एवं साइबर अपराध, जनसुनवाई एवं आईजीआरएस, ऑपरेशन कन्विक्शन, जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम, शासन के दिशा निर्देश व जीरो टॉलरेंस के तहत कार्यवाही आदि की समीक्षा कर अपराध एवं अपराधियों पर नियंत्रण हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये तथा श्रावण मास के दृष्टिगत मन्दिर/शिवालयों तथा कावड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गये। घटनाएं एवं उनका अनावरण, अवैध कारोबार के विरूद्ध कार्यवाही- गम्भीर अपराध हत्या, लूट, डकैती, नकबजनी, चोरी आदि घटनाओं की समीक्षा करते हुये शेष सभी घटनाओं के शीघ्र अनावरण करने तथा संलिप्त अपराधियों को पुरस्कार घोषित कराते हुये शीघ्र गिरफ्तारी हेतु निर्देशित किया गया। लंबित विवेचनाऐं- विशेषकर एससी एसटी एक्ट, महिला सम्बन्धी अपराध, पॉक्सो एक्ट, गैंगेस्टर एक्ट आदि के अभियोगों की विवेचनाओं की समीक्षा कर विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिये गये। अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री, अवैध मादक पदार्थ तस्करी गौबध तस्करी, आदि में संलिप्त अपराधियों के विरूद्ध पतारसी सुरागरसी कराते हुये प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। गुमशुदगी आदि के प्रकरणों में पीडित की शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेने तथा गठित टीमों गठित को लगाकर शीघ्रतापूर्वक सकुशल बरामदगी हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है। गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और हिस्ट्रीशीटरों पर कार्यवाही- अपराधियों पर नियंत्रण के हेतु गुंडा व गैगस्टर एक्ट के तहत अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए । जनपदों के सभी थानों में टॉप-10 अपराधियों की सूची बनाकर उनकी गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही जेल से रिहा हुए अपराधियों का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि वे दोबारा किसी अपराधिक गतिविधि में संलिप्त न हो सकें। अपराधियों का सत्यापन कराने, गैंगस्टर एक्ट की धारा 107 BNSS के तहत अपराधियों द्वारा अपराध से अर्जित की गई चल-अचल संपत्ति का चिन्हीकरण कर जब्तीकरण की कार्यवाही करें । गम्भीर अपराधों के अभियुक्त जैसे हत्या, लूट, डकैती, गैंगरेप, गौ तस्करी, वाहन चोरों, मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्यवाही करने तथा गैंगस्टर के अभियुक्तों के विरूद्ध धारा 14(1) अंतर्गत संपत्ति जब्तीकरण की कार्यवाही के निर्देश दिए गये। लुटेरे, अवैध शराब व पशु तस्करों आदि पेशेवर अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी सतत निगरानी व सत्यापन करते सक्रिय दुर्दांत अपराधियों की जमानत निरस्तीकरण की कार्यवाही के साथ ही उनके विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए। महिला सुरक्षा को प्राथमिकता- महिला संबंधी अपराधों को अत्यधिक गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला उत्पीड़न की घटना पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क को और सक्रिय बनाने हेतु निर्देशित किया गया। महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस का रवैया संवेदनशील और तत्पर होना चाहिए, ताकि महिलाओं को किसी भी प्रकार की असुरक्षा न महसूस हो। पैदल गश्त, रात्रि गश्त और बीट प्रणाली, निगरानी – जनता से बेहतर संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बीट प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। सभी क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त करें और आम जनता से संपर्क बनाए रखें । जिससे अपराध पर नियंत्रण एवं पुलिस और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होगा। अपराध नियन्त्रण हेतु रात्रि गश्त को बढ़ाने के निर्देश दिए। सभी क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त करें और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखें। सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखने को कहा गया, ताकि किसी भी आपराधिक घटना को समय रहते रोका जा सके। आमजनमानस के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न किया जाये साथ ही ग्राम पंचायत एवं व्यापारी बन्धुओं व प्रतिष्ठान मालिकों, समाजसेवियों व अन्य लोगों से वार्ता व सामंजस्य/समन्वय स्थापित कर थाना क्षेत्रों में होनी वाली छोटी छोटी समस्याओं का निदान कराने का प्रयास करें । आगामी त्योहार एवं कानून व्यवस्था- श्रावणमास, कावंड यात्रा व सावन मेला आदि के दृष्टिगत रेंज के सभी क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर छोटी सी छोटी सूचनाओं/घटनाओं को गम्भीरता से संज्ञान में लेकर नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए तथा यूपी 112 पर प्राप्त सूचनाओं को पीआरवी वाहनों द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर सम्बन्धित थाना प्रभारी को सूचित करने के निर्देश दिए गये। श्रावण मास के दौरान निकलने वाली कांवड़ यात्रायों तथा प्रमुख शिवालयों एवं मंदिरों में जलाभिषेक व अन्य आयोजनों के दौरान अत्यधिक संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है उन सभी धार्मिक स्थलों के प्रमुख पुजारियों/आयोजकों से वार्ता कर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियन्त्रण व समुचित पुलिस प्रबन्ध रखने के निर्देश दिए गये । इन स्थलों पर सादे वस्त्रों में महिला पुलिस कर्मियों की भी डियूटी लगाई जाये जिससे महिला श्रृद्धालुओं को कोई समस्या न हो तथा कांवड़ यात्रा निकलने वाले रूटों पर पुलिस एवं यातायात व्यवस्था हेतु उचित प्रबन्ध करने के निर्देश दिये गए। भीड़ प्रबन्धन के दृष्टिगत थाना क्षेत्र में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की अनुमति दिये जाने से पूर्व में क्षेत्राधिकारी/ थाना प्रभारी स्वयं मौके पर जाकर आयोजन स्थल की भीड़ क्षमता, प्रवेश/निकासी द्वार, पार्किंग आदि का आंकलन के उपरान्त ही अनुमति की संस्सुति करने के निर्देश दिए गये। अवैध कारोबार, तस्करी के विरूद्ध कार्यवाही- अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री, अवैध मादक पदार्थ तस्करी गौबध तस्करी, आदि में संलिप्त अपराधियों के विरूद्ध पतारसी सुरागरसी कराते हुये प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। अवैध शराब का उत्पादन और वितरण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया गया। ऑपरेशन कन्विक्शन- शासन के निर्देशानुसार चिन्हित अपराधों में दोषियों को मा0 न्यायालय से सजा दिलाए जाने हेतु चलाए जा रहे अभियान “आपरेशन कन्विक्शन” के तहत अभियोजक व मानिटरिगं सेल द्वारा समन्वय स्थापित कर प्रभावी पैरवी कराएं जिससे अपराधियों को अविलंब व न्यूनतम समय में अधिकतम सजा दिलाई जा सके । जनसुनवाई एवं आईजीआरएस- रेन्ज के सभी जनपद प्रभारी/अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी प्रातः 10.00 बजे से कार्यालय में बैठकर जन सुनवाई करना सुनिश्चित करें तथा थाने पर पहुंचने वाले प्रत्येक फरियादी से अच्छा व्यवहार करें तथा महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करना सुनिश्चित करें। बेहतर जनसुनवाई व विवेचनाओं का समय से निस्तारण करने तथा शासन व उच्चाधिकारियों के अलावा विभिन्न आयोग से मिलने वाली शिकायतों और जांचों का जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिये गये । आईजीआरएस (IGRS)/शिकायत प्रकोष्ठ के माध्यम से प्राप्त होने वाली जनशिकायतों को समयबद्ध गुणवत्तायुक्त निस्तारण कराये जाने के निर्देश दिये गये। सोशल मीडिया एवं साइबर अपराध- सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्मों पर सतत निगरानी की जाए । किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक/भ्रामक पोस्टों के प्राप्त होने पर उच्चाधिकारियों को संज्ञानित करते हुए तत्काल प्रभाव से उसका खंडन किया जाए । सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर असामाजिक/शरारती तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही किये जाने तथा असत्य घटनाओं के सम्बन्ध में तत्काल खण्डन कराने के निर्देश दिये गए है। साइबर अपराधों के बचाव हेतु जागरूकता अभियान चलाकर जनता को सावधान/सतर्क रहने हेतु जागरूक करते हुये आमजन को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने एवं किसी अनजान एप को इन्स्टॉल न करने, सोशल मीडिया के एकाउण्ट पर प्राइवेसी लगाकर रखने, किसी से ओटीपी शेयर न करने, अनजान नम्बरों से आने वाली कॉल पर बात करते समय साइबर ठगी से सावधान रहने के साथ ही अनजान कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान समय में साइबर ठग नये नये तरीके अपनाकर अपराधों को अंजाम दे रहें है, ऐसे अपराध जैसे इन्टरनेट अरेस्ट, स्क्रीन शेयरिंग, किसी पुलिस अधिकारी की जांच के नाम पर, केवाईसी अपडेट्स आदि की जानकारी रखने के साथ ही किसी के साथ साइबर अपराध घटित हो जाने पर तत्काल स्थानीय पुलिस/साइबर थाना अथवा 1930 पर तत्काल सूचना देने हेतु जागरूक करें। जागरूकता अभियान एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम- शासन की प्राथमिकता में शामिल मिशन शक्ति अभियान व अधिक एंटी रोमियो स्क्वायड को और अधिक सक्रिय करते हुये महिलाओं/बालिकाओं को वूमेन पावर लाइन 1090 महिला हेल्पलाइन 181 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पुलिस आपातकालीन सेवा 112 चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 स्वास्थ्य सेवा 102 एम्बुलेंस सेवा 108 व थाने के सीयूजी नंबर आदि की जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिये गये। महिला सशक्तिकरण एवं उनकी सुरक्षा/सहायता हेतु उ0प्र0 सरकार द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” अभियान के क्रम में महिला बीट अधिकारी ‘शक्ति दीदी’ द्वारा सार्वजनिक स्थानों/कस्बों/गांवों में चौपाल लगाकर तथा स्कूल/कालेजों में जाकर उन्हें जागरूक करते हुए उनकी हर सम्भव सहायता उपलब्ध करायी जाए। एंटी रोमियो टीमों द्वारा लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहते हुए मनचलों/अराजकतत्वों पर नज़र रखी जाए एवं अराजकतत्वों व शोहदों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाए। रेंज के तीनों जनपदों में नवनियुक्त रिक्रूट आरक्षियों हेतु प्रशिक्षण केन्द्र बनाये गये है। प्रशिक्षण में शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ पुलिसिंग की बुनियादी जानकारी, कानून की समझ और तकनीकी दक्षता पर विशेष जोर दिए जाने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गये। शासन के दिशा निर्देश व जीरो टॉलरेंस के तहत कार्यवाही- बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने तथा लापरवाह व उदंडता करने वाले पुलिस कर्मियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के निर्देश दिये गये। पुलिस बल में अनुशासन बनाये रखते हुए सभी पुलिस कर्मियों को मृदुभाषी, स्वस्थ एवं संवेदनशील रहते हुए दायित्वों का पूर्ण मनोयोग से निर्वाहन करने एवं पुलिस बल की गरिमा बनाये रखने के निर्देश दिये गए है तथा लापरवाही एवं उदासीनता बरतने वाले पुलिसकर्मियों को सचेत करते हुए पुनरावृत्ति करने पर गोपनीय जांच कराकर रिपोर्ट प्रेषित किये जाने के निर्देश दिये गए है।