
मरीजों का खून चूस रही है: अवैध पैथोलॉजी लैब
झाँसी | स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते जनपद में अवैध पैथोलॉजी लैब चल रही हैं। खास बात यह है कि एक ही लाइसेंस पर कई-कई पैथोलोजी लैब चल रही हैं। अहम बात यह है कि इसकी जानकारी अधिकारियों को भी है। बावजूद अंजान बने हुए हैं। कार्रवाई न होने की वजह से अवैध लैब संचालकों के हौंसले इतने बढ़ गए हैं कि लैब में मरीजों का खुले आम खून चूसा जा रहा है, क्योंकि इन लैब में कराई गई जांचों की रिपोर्ट कितनी सही होगी, इसका जवाब देने के लिए कोई भी तैयार नही है। गली-कूचों तक में कलेक्शन सेंटर चल रहे हैं। ये सेंटर ब्लड सैंपल तो ले रहे हैं लेकिन रखरखाव ठीक न होने से मरीजों को सही रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। कुछ ही समय के अंतराल में कराई गई जांच रिपोर्ट में भिन्नता देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती के चलते जिले में अवैध पैथाेलॉजी लैब और कलेक्शन सेंटर का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है। गांवों-कस्बों तक कहीं एक कमरे में तो कहीं संकरी गलियों में पैथोलॉजी चल रही है। अप्रशिक्षित कर्मचारियों से काम चलाया जा रहा है। हाल यह है कि एक ही सैंपल की अलग-अलग रिपोर्ट आती है और रेट भी अलग अलग है। इन रिपोर्ट पर कितना भरोसा किया जाए, यह चिकित्सक भी समझ नहीं पा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में कुछ ही पैथोलॉजी पंजीकृत हैं, जबकि हकीकत में कई गुना पैथाेलॉजी लैब चल रही हैं। शहर की बात की जाए तो हर मोहल्ले में कई लैब हैं। मरीज कल्लू ने बताया कि शहर की एक पैथोलॉजी लैब से जांच करवाई थी तो प्लेटलेट्स 80 हजार थी। कुछ देर बाद ही दूसरी पैथोलॉजी पर सैंपल दिया तो वह एक लाख से ज्यादा निकली। चिकित्सक भी दो रिपोर्ट देख हैरत में पड़ गए। यह हाल केवल शहर ही नहीं बल्कि पूरे जिले में बना हुआ है.