प्रसाशन की सख्ती न होने कि वजह से  नाबालिग बेखौफ दौड़ा रहे सड़कों पर वाहन

प्रसाशन की सख्ती न होने कि वजह से नाबालिग बेखौफ दौड़ा रहे सड़कों पर वाहन

Written by Prem Prakash Agarwal 2025-02-21 News
झाँसी । नाबालिग को बाइक और कार की चाबी थमाने वाले अभिभावकों पर कार्रवाई हो सकती है। इसके बावजूद लोग किशोरों को वाहन थमा रहे हैं। शासन से सख्ती निर्देश के बाद जनपद पुलिस इस ओर से उदासीन बनी हुई है। हर महीने 30 से 40 ऐसे वाहनों का चालान होता है, जिसे नाबालिग चला रहे होते हैं। जनपद में तमाम नाबालिग दुुपहिया लेकर फर्राटा भरते नजर आते है सरकार सख्ती के बाद भी यातायात विभाग नियमों के उल्लंघन करने वालों पर रोक नहीं लगा पा रहा है। नाबालिग भी तेज गति से वाहन चलाते दिख जाते हैं। खासकर बाइक सवार किशोरों की संख्या अधिक होती है। शासन की ओर से आदेश जारी किया गया। इसमें नाबालिगों के वाहन चलाने पर उनके अभिभावकों को तीन साल तक की जेल और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। इस आशय का पत्र माध्यमिक विभागों में भी भेजा गया है। उच्चाधिकारियों ने भी नियम का सख्ती से अनुपालन कराने के साथ-साथ विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाने हो कहा गया है। लेकिन उसके बाबजूद जनपद के जिम्मेदारों ने अपनी आँखों पर पट्टी बाँध रखी है. यह नजारा सिर्फ मुख्य सड़क का ही नहीं बल्कि गलियों में भी बना हुआ है। जहां स्टाइलिश मोपेड पर युवा रेसिंग लगाकर अपनी जान जोखिम में डालकर आम जनता के लिए मुसीबत बने हुए हैं। वाहनों की बेलगाम गति और नाबालिग बच्चे दोपहिया वाहन पर तीन-चार सवारी के साथ लापरवाही पूर्वक वाहन दौड़ा रहे हैं। इतना ही नहीं कई वाहन ऐसे जिन पर नंबर नहीं डला है। जबकि स्टाइलिश बाइक पर नियम विरुद्ध नंबर लिखवाए गए हैं। इससे संबंधित विभागों के आला अधिकारी परिचित हैं, लेकिन नियमों तोड़ने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। खासतौर से स्कूलों में छात्र-छात्राएं स्कूटी और बाइक से पहुंचते हैं। ऐसे छात्रों को रोकने के लिए न तो स्कूल प्रशासन और न ही परिजन कोई प्रयास कर रहे हैं. नाबालिग बच्चों में अधिकांश वह किशोर-किशोरियां शामिल हैं, जो संपन्न परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। अधिकांश परिजनों ने मोटर व्हीकल एक्ट की परवाह किए बगैर उनको वाहन थमा दिए हैं। इसके चलते आए दिन हादसे भी होते रहते हैं। इतना ही नहीं बेलगाम गति से वाहनों को दौड़ाते हुए नाबालिग खुद तो घायल होते हैं, वहीं लोगों को चोटिल भी कर रहे हैं। रिपोर्ट - राकेश कुमार झाँसी