
राजा भैया कि दो टूक शास्त्रों से नही शस्त्रों से होगी देश की रक्षा
प्रयागराज । दिव्य प्रेम सेवा मिशन हरीद्वार द्वारा अयोजित महाकुंभ में कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि आज हिंदू समाज को बहुत सी बुराइयां खत्म करनी होंगी। इसके अलावा अपने अस्तित्व के लिए भी प्रयास करने होंगे। राजा भैया ने कहा, श्यह बात सत्य है कि शास्त्रों से रक्षा नहीं हो सकती। संस्कृतियों की रक्षा के लिए शस्त्र जरूरी हैं। तक्षशिला खत्म नहीं होता। एक लुटेरे ने नालंदा को आग के हवाले कर दिया। महीनों तक वहां पुस्तकें जलती रहीं। हमारे प्रभु ने जब- जब अवतार लिया तो उन्होंने अस्त्र धारण किए। भगवान राम को जब वनवास हुआ तो वह सब कुछ छोड़ गए, लेकिन अपने अस्त्र साथ लेकर गए। हम मां की उपासना करते हैं तो वह भी शस्त्र सज्जित रहते हैं। हनुमान जी के हाथ से गदा नहीं छूटी और शिवजी के हाथ में त्रिशूल हमेशा रहता है। शास्त्र यह कहते हैं कि कब किसका प्रयोग करें, लेकिन वे यह नहीं कहते कि शस्त्र छोड़ दें। लेकिन सोचने की बात है कि हिंदू कर क्या रहे हैं। वे ना वंश बढ़ा रहे हैं और ना शस्त्र उनके पास हैं। संस्कृतियों की रक्षा के लिए शस्त्र जरूरी हैं। तक्षशिला खत्म नहीं होता। एक लुटेरे ने नालंदा को आग के हवाले कर दिया। भगवान राम को जब वनवास हुआ तो वह सब कुछ छोड़ गए, लेकिन अपने अस्त्र साथ लेकर गए। आगे उन्होने कहा कि हैदराबाद के एक नेता ने कहा था कि पुलिस हटा दो तो 15 मिनट में पता चल जाएगा। ऐसा नहीं लगता कि यदि हम गंभीरता से सोचें तो काफी हद तक उसकी बात सही है। यदि ऐसा हो जाए तो लगभग आधा हिंदू एक झटके में साफ हो जाएगा। आखिर हमारे पास है क्या? ना तो हम वंश वृद्धि कर रहे हैं और ना शस्त्र संचय कर रहे हैं। कुंडा के विधायक राजा भैया ने महाकुंभ में यह बात कही।