
फार्मेसी संस्थान, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय सीजीएमपी दिवस का आयोजन
झाँसी | फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया और भारतीय औषध निर्माता संघ के निर्देशानुसार, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के फार्मेसी संस्थान ने राष्ट्रीय कर्रेंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस दिवस मनाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और फैकल्टी को कर्रेंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस मानकों के प्रति जागरूक करना और फार्मास्युटिकल उद्योग में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को समझाना था। कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार प्रजापति के स्वागत व्याख्यान से हुई, जिसमें उन्होंने कर्रेंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कर्रेंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस के विभिन्न पहलुओं, जैसे गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन प्रक्रियाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य में इसके महत्व पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने यह बताया कि फार्मास्युटिकल उत्पादों की सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए कर्रेंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस मानकों का पालन कितना आवश्यक है। इसके बाद, बी.फार्मा और एम.फार्मा के छात्रों ने कर्रेंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उनके प्रस्तुतिकरण में गुणवत्ता नियंत्रण, उत्पादन प्रक्रिया और फार्मास्युटिकल उद्योग में कर्रेंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस के नियामक ढांचे पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का समापन डॉ. शशि आलोक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों का धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उनकी सराहना की। कार्यक्रम में डॉ. उपेंद्र शर्मा, डॉ. विहंगेश दीक्षित, डॉ सुनील निरंजन. डॉ. शोभित सिंह, डॉ. भावना शर्मा, डॉ. शशि अलोक, डॉ. प्रेम प्रकाश, डॉ. आलोक माहौर , डॉ. आर.एन. प्रजापति, और डॉ. रिजवाना खान जैसे शिक्षकगण उपस्थित रहे। बी.फार्मा और एम.फार्मा के कई छात्र-छात्राओं ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया, जो कर्रेंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस के महत्व को समझने में उनकी गहरी रुचि को दर्शाता है। यह आयोजन पूरे देश में मनाए जा रहे कर्रेंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस दिवस का हिस्सा था, जो फार्मेसी संस्थानों की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वे फार्मास्युटिकल शिक्षा और उद्योग में गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देते रहें।