संसाधन के अभाव में दम तोड़ रही मोंठ सीएससी की स्वास्थ्य सुविधाएं

संसाधन के अभाव में दम तोड़ रही मोंठ सीएससी की स्वास्थ्य सुविधाएं

Written by Prem Prakash Agarwal 2024-09-29 News
झाँसी | जनपद कि मोठं तहसील में संसाधनों की कमी से जूझ रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आमजन की सेहत की देखभाल की जिम्मेदारी है मगर संसाधनों की कमी से जूझ रहा स्वास्थ्य केंद्र लोगों को बेहतर सेवाएं मुहैया कराने में नाकाम साबित हो रहा है। स्वास्थ्य सुविधायें बहाल करने कितने भी स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाएं लेकिन संसाधन व स्टाफ के अभाव के चलते इनका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते ग्रामीण अंचलो में स्वास्थ सुविधाएं आज भी बदहाली का शिकार हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति जिले के मोंठ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण अंचलों का है। जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का संचालन तो हो रहा है लेकिन समुचित संसाधन और स्टाफ के अभाव में ग्रामीण अंचलों में निवास करने वाले लोगो को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते वह जिला मुख्यालय की ओर रुख करने के लिये मजबूर होते हैं। इस स्वास्थ केंद्र में आने वाले मरीजों को कई बार बाजार से दवाईया खरीदनी पड़ती है. बाजार में उपलब्ध दवाएं महंगी होने के कारण गरीब जनता को दवाएं खरीदने में खासी परेशानी होती है। दवाइयों के अलावा भी इस मोंठ सीएसई में एक्सरे मशीन तो उपलब्ध है लेकिन सप्ताह में मात्र तीन दिन तक इसका लाभ पूर्णत नहीं मिल पा रहा है.सीएससी में संसाधनो कि कमी के कारण कई बार डॉक्टरों को मरीजों का इलाज करने में खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा.यहाँ तक की ओपरेशन थियेटर में भी भारी मात्रा में संसाधनो की कमी है. सफाई कर्मचारी न होने के कारण इस मोंठ सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में अधिकांश गंदगी का आलम नजर आता है. ग्रामीण को कहना कि इस स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र पर दिन के हिसाब से डाक्‍टर ड्यूटी का लगा है, लेकिन दिन ढलने के बाद यहां न तो कोई डाक्‍टर मौजूद रहता है और न ही अन्‍य कर्मचारी मिलते हैं। ग्रामीणों ने मोंठ सीएससी प्रभारी पर आरोप लगाया कि ग्रामीणों को स्वास्थ सेवाओं से बंचित रखकर मुक्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को धूमिल कर रहे है. ग्रामीणों ने कहा सीएससी की बदहाली जो आज है उसको श्रेय केवल ओर केवल सीएससी प्रभारी को दिया. बताते चले की शाशनादेश के अनुसार लेवल -1 के कर्मचारी को सीएससी प्रभारी नहीं बनाया जा सकता लेकिन स्वास्थ विभाग के आला अधिकारियों के रहमोकरम व साठगांठ से लेबल 1 के कर्मचारी को प्रभारी बना दिया गया. जिस कारण मोंठ सीएससी बदहाली की हालात में है ओर जनता स्वास्थ सेवाओं से वंचित है.