
विकसित भारत @2047 पर आधारित शोध परियोजना से जुडा बु. वि.
झाँसी | बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय झाँसी के पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान के प्रो० प्रतीक अग्रवाल को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइ सी एस एस आर) द्वारा संचालित विज़न विकसित भारत @2047 योजना के अन्तर्गत "उदयीमान युवा भारत: उत्तर और मध्य भारत में उद्यमशीलत शिक्षा प्रणाली, डिजिटल उद्यमों और सामाजिक प्रभावों के बीच तालमेल का आंकलन" नामक शीर्षक पर अध्ययन व अनुसंधान हेतु ग्यारह लाख रुपये की परियोजना का आवंटन हुआ। उक्त परियोजना की स्वीकृति पर कुलपति प्रो० मुकेश पांडेय द्वारा हर्ष व्यक्त किया गया। कुलपति ने प्रो० अग्रवाल को बधाई देते हुए बताया कि बु०वि० को नैक के उच्चतम ग्रेड ए++ मिलने से निकट भविष्य में इस प्रकार के और भी परियोजनाओं व अनुसंधान कार्यों हेतु विभिन्न राष्ट्रीय संस्थाओं से वित्तीय सहायता के मार्ग प्रशस्त होंगें। इस अवसर पर कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने कहा कि ऐसी शोध परियोजनाओं से और भी शिक्षकों व शोधकर्ताओं को उच्च गुणवत्तापूर्ण शोध हेतु प्रोत्साहन मिलता है। उक्त शोध परियोजना के उद्देश्यों व प्रतिफल के बारे में प्रो० प्रतीक अग्रवाल बताते हैं कि भारतीय युवाओं के बीच बहुआयामी कार्यक्षमता का निर्माण व उद्यमिता का विकास इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है साथ ही यह भी देखना व समझना है कि कैसे सरकार द्वारा संचालित विभिन्न उद्यमिता के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों के मध्य विकसित होती उद्यमी व्यवहार व वास्तविक चुनौतियों से मुकाबला करने की कार्यशैली के साथ-साथ स्थानीय अथवा क्षेत्रीय स्तर पर आर्थिक विकास में उनके योगदान का आंकलन करना भी सम्मिलित है। उक्त परियोजना के माध्यम उद्यमिता के क्षेत्र में सक्रिय सरकारी अथवा गैरसरकारी नीतिनिर्माताओं को उद्यमशील शिक्षा प्रणाली, समग्रता पूर्ण उद्यमशील इकोसिस्टम के विकास व कार्यवृत्तों की करणीय अनुसंशा प्रदान की जाएगी जोकि इन क्षेत्रों में उद्यमिता विकास की महत्वपूर्ण कारक सिद्ध होगी। प्रो० अग्रवाल बताते हैं कि 2047 तक विकसित भारत के परिपेक्ष्य में यह शोध परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगी जिसका उद्देश्य ही उद्यमिता के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तनों की नवीन श्रृंखला का विकास करना है जोकि भारत के पूर्ण विकसित राष्ट्र के रूप स्थापित होने के अनुक्रम डिजिटल उद्यमों व सामाजिक उद्यमिता के भाव से पुष्पित व पल्लवित होगी।