नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी/ तकनीकों की जानकारी कृषकों को खेतों पर ही उपलब्ध कराए जाने के निर्देश

नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी/ तकनीकों की जानकारी कृषकों को खेतों पर ही उपलब्ध कराए जाने के निर्देश

Written by Prem Prakash Agarwal 2024-08-09 News
** ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से कृषि यंत्र प्राप्त करने वाले किसान पुनः लॉटरी सिस्टम में नहीं कर सकेगें प्रतिभाग ** फार्म मशीनरी बैंक पराली प्रबन्धन हेतु किसानों को रेट पर यंत्र उपलब्ध कराए जाने के निर्देश ** किसानों को पराली न जलाने के लिए एटीएम/बीटीएम करें जागरूक, जनपद में संचालित कंबाइन होंगें सीज़ : जिलाधिकारी ** नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी/ तकनीकों की जानकारी कृषकों को खेतों पर ही उपलब्ध कराए जाने के निर्देश ** बुंदेलखंड को आर्थिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाए जाने हेतु गो आधारित प्राकृतिक खेती को पुर्नजीवित करने हेतु अधिक से अधिक किसान आगे आएं:-जिलाधिकारी ** श्री अन्न को प्रमोट करने के लिए कार्यशाला, रोड शो, भ्रमण एवं रेसिपी कार्यक्रम से किया जाए किसानों को जागरूक ** प्रत्येक ग्राम पंचायत में किसान रथ के माध्यम से कृषि विभाग की योजनाओं की मिलेगी किसानों को जानकारी:-जिलाधिकारी ** वैज्ञानिकों के प्रदर्शन को किसानों के खेत तक पहुंचाएं "नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एण्ड टेक्नोलॉजी", शासी निकाय एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन" की जिला क्रियान्वयन समिति की बैठक जिलाधिकारी श्री अविनाश कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन, सभागार झॉसी में आयोजित की गयी। विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन ने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है कि हम किसानों को आधुनिक तकनीकी की जानकारी देते हुए उन्हें खेती कार्य में आय बढ़ाने के लिए सहयोग करें। उन्होंने कहा कि योजनांतर्गत किसानों का प्रशिक्षण के साथ सम्बंधित योजनाओं की जानकारी दी जानी है, इसके साथ ही किसानों की क्षमता विकास के अंतर्गत उन्हें विभिन्न विश्वविद्यालयों में भ्रमण के माध्यम से उन्हें नई-नई तकनीकी जानकारी भी उपलब्ध कराई जानी है। उन्होंने कहा कि ऐसे किसानों को आगे लाया जाए जो जानकारियां प्राप्त करने के बाद अपने क्षेत्र के अन्य किसानों को भी उक्त जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि उनका भी कृषि क्षेत्र में विकास हो सके। जिलाधिकारी अविनाश कुमार द्वारा शासी निकाय की बैठक में कहा कि कृषकों को योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक मिले। उन्होंने वृहद कार्ययोजना बनाकर योजनाओं में कार्य करायें जाने की निर्देश दिए। उन्होंने उ0प्र0 मिलेट्स (श्री अन्न) पुनरोद्धार कार्यक्रम योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि मिलेट्स के संबंध में जागरूकता अभियान चलाया जाए जिसमें कार्यशाला, प्रशिक्षण, रोड शो, भ्रमण कार्यक्रम के साथ ही रेसीपी एवं उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम आदि शामिल हों। गत वर्ष जनपद में ज्वार 2400 हैक्टेयर, बाजरा 200 हेक्टेयर, तथा श्री अन्न, सांवा, रागी, कोदों आदि 1000 हेक्टेयर में बोई जा रही है। जो पिछले वर्ष से अधिक क्षेत्रफल में है, इसके लिए उन्होंने किसानों को और जागरूक किए जाने पर बल दिया ताकि आने वाले वर्षों में जनपद में श्रीअन्न के क्षेत्रफल को और अधिक बढ़ाया जा सके। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में खेती में रसायन एवं उर्वरकों का अधिक प्रयोग होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जबकि श्री अन्नों में इनका बहुत ही न्यूनतम प्रयोग कर अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कम खाद एवं उर्वरक मांग के कारण प्राकृतिक खेती के अंतर्गत भी इनका उत्पादन किया जा सकता है तथा रोग एवं कीट व्याधियों का प्रकोप इन फसलों पर बहुत ही काम होता है। इसके अतिरिक्त श्रीअन्न के फसल अवशेष पशुओं के चारे के रूप में प्रयोग कर अन्ना प्रथा की समस्या को भी काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा की वर्तमान परिवेश में खाद्यानों की घटती गुणवत्ता में सुधार लाने एवं पोषण तत्वों की प्राकृतिक रूप से प्रचुरता की पूर्ति श्रीअन्नों के द्वारा ही संभव है। उन्होंने व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए पैकेजिंग और मार्केट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने कृषकों को मृदा स्वास्थ्य में सुधार करने के उद्देश्य से जीवांश कार्बन को बढ़ाने, पर्यावरण संतुलन को कायम रखते हुए कम लागत वाली कृषि तकनीकी अपनाकर खेती करने रसायन -कीटनाशक पेस्टीसाइड मुक्त कृषि उत्पादों का उत्पादन करने हेतु प्राकृतिक खेती की जाये जिसके लिये शासन स्तर द्वारा गौ आधारित प्राकृतिक खेती को पुर्नजीवित कर प्रदेश में विशेेष रूप से बुन्देलखण्ड के जनपदो को आर्थिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाये जाने के दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा पंचवर्षीय क्लस्टर आधारित गौ आधरित प्राकृतिक खेती की कार्ययोजना तैयार करते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। जनपद में संचालित परम्परागत कृषि विकास योजना के अन्तर्गत 40 क्लस्टरों में कार्य कराया गया। प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रशिक्षण एवं भ्रमण के साथ ही कृषकों को फार्मर फील्ड स्कूल के अंतर्गत किट वितरण भी किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने निर्देश दिए कि जनपद में किसान रथ के भ्रमण कार्यक्रम का रोस्टर जारी करते हुए उसका ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाए, ताकि किसान रथ के माध्यम से दी जा रही जानकारियाँ किसानों को सहज मिल सके। किसान उनका उपयोग खेती में करते हुए अपने उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि कर सके। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने तहसील टहरौली और मोंठ में ग्राम पंचायतवार मैपिंग करते हुए ग्राम प्रधान के साथ बैठक करने का सुझाव दिया ताकि पराली प्रबंधन का कार्य अभी से प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन में कृषि विभाग के एटीएम और बीटीएम की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके निर्वहन में किसी भी प्रकार की शीतलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विकास भवन में आयोजित "नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एंड टेक्नोलॉजी" एवं "राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन" योजना अंतर्गत आयोजित शासी निकाय की बैठक में उन्होंने कहा कि कृषि विभाग में एकल विंडो के माध्यम से किसान को जानकारियों के साथ उनकी समस्याओं का भी निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में कृषि विभाग की योजनाओं के साथ ही विभिन्न विभागों की लाभकारी योजनाओं की जानकारी चस्पा की जाए ताकि किसानों को एक ही जगह शान द्वारा संचालित सभी योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके। विकास भवन में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने "नेशनल मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एण्ड टेक्नोलॉजी" एवं शासी निकाय, "राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन" की जिला क्रियान्वयन समिति की बैठक में परंपरागत कृषि विकास योजना अंतर्गत चयनित कृषकों को डीबीटी के माध्यम से लाभान्वित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थित किसानों को जैविक खेती को ज्यादा से ज्यादा अपने जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रीकरण योजना अंतर्गत रोटावेटर, सीडड्रिल, मल्टीक्राप थ्रेशर सहित अन्य यंत्रों पर अनुसूचित जाति/ जनजाति/ लघु एवं सीमांत /महिला कृषक को मूल्य का 50% तथा अन्य किसको को 40% का अनुदान है, अधिक से अधिक किसान पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए कि ऐसे किसान जिन्होंने लॉटरी के माध्यम से पूर्व में यंत्र प्राप्त कर लिए हैं वे पुनः यंत्र प्राप्ति के लिए लॉटरी में प्रतिभाग नहीं करें। बैठक का संचालन उप कृषि निदेशक महेंद्र पाल सिंह ने करते हुए सघन में किसी विभाग की योजनाओं की बिंदु बार जानकारी दी। उन्होंने सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना अंतर्गत प्राप्त धनराशि के सापेक्ष व्यय की जानकारी दी। उन्होंने योजना अंतर्गत प्रदर्शन,फार्म स्कूल, प्रशिक्षण, भ्रमण, किसान मेला एवं जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन के बारे में भी जिलाधिकारी को अवगत कराया। उप कृषि निदेशक ने बैठक में गौ आधारित प्राकृतिक खेती योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना अंतर्गत एवं जनपद में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर उपाध्यक्ष झाँसी विकास प्राधिकरण आलोक यादव, मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद, जिला कृषि अधिकारी के के मिश्रा, विषय वस्तु विशेषज्ञ दीपक कुशवाहा, लल्ला सिंह, अनिल कुमार, धर्मेन्द्र कुमार कुशवाहा व बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।