मधुमक्खी पालन कर आय बढ़ाएं किसान

मधुमक्खी पालन कर आय बढ़ाएं किसान

Written by Prem Prakash Agarwal 2024-03-13 News
झाँसी। रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी के कीट वैज्ञानिकों ने मधुमक्खी पालन कर आय बढ़ाने की सलाह दी है। डाॅ. सुंदर पाल और डाॅ. योगेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय में स्थापित मधु वाटिका में जिला निवाड़ी, दतिया, ललितपुर, बाँदा एवं झाँसी के 30 किसानों ने भ्रमण किया। वैज्ञानिकों ने किसानों को मधुमक्खी पालन करने की वैज्ञानिक तकनीकियों के बारे में अवगत कराया और बताया कि मधुमक्खी पालन करने से हमंे केवल शहद ही प्राप्त नहीं होता बल्कि मोम, परागकण, डंक का जहर, प्रोपोलिस आदि भी प्राप्त होते हैं। साथ ही साथ मधुमक्खी फसलों में परपरागण की क्रिया को बढ़ावा देती है। इससे फसल उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है। इसके अलावा किसान इसे एक व्यवसाय के रूप में भी अपनाकर एक अच्छी आय प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए किसान नई मधु-पेटिका तैयार करके, नये मधुमक्खी परिवार, नया आधार छत्ता, नई मधुमक्खी रानी तथा विभिन प्रकार के शहद का उत्पादन भी कर सकते हैं। मोम से विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाकर बाजार में या अन्य किसानों को बेचकर अपनी आय को दोगुनी कर सकते हैं।