
शिक्षक भर्ती में अनियमितता पर संपूर्ण चयन प्रक्रिया के निष्पक्ष जांच की मांग
झांसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा की गई पत्रकार वार्ता में छात्र नेता सूयश शुक्ला, हर्ष शर्मा ,हर्ष जैन,हर्ष कुशवाहा ने विश्वविद्यालय में चल रही शिक्षक भर्ती में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की जा रही अनियमिताओं का उल्लेख किया तथा भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञात है कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षकों के लगभग 175 पदों पर नियुक्ति हेतु जारी विज्ञापन संख्या 12/ 2023, 24 /25 अगस्त 2023 के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया चल रही है। उक्त विज्ञापन के विरुद्ध में विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने उच्च न्यायालय में वाद संख्या 17405 / 2023 दाखिल किया इस पर उच्च न्यायालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दो माह में सभी प्रकरणों का निस्तारण करने का आदेश दिया परंतु बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने उपरोक्त प्रकरणों के निस्तारण के बगैर ही नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई एवं कई योग्य उम्मीदवारों की उपेक्षा करते हुए अपने चहेतों को चयनित किया जा रहा है उपरोक्त चयन प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने शासन में भी की है। अब तक घोषित परिणामों में कई ऐसे नाम हैं जिनके चयन होने की चर्चा परिणाम की घोषणा से पूर्व ही परिसर एवम् परिसर से बाहर चर्चा का विषय थी। विश्वविद्यालय में कार्यरत एक शिक्षिका जिन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं तथा पूर्व में निलंबित भी हो चुकी हैं उनका भी आचार्य पद पर चयन निश्चित माना जा रहा है,जबकि अभी तक परिणाम की घोषणा नहीं हुई है। इसी प्रकार इलेक्ट्रो कम्यूनिकेशन डिपार्टमेंट में भी लिखित परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए ना बुलाए जाने का प्रकरण भी चर्चा में है। विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा अनियमित तरीके से की जा रही इन सभी नियुक्तियों की जांच कर दोषी व्यक्तियों को दंडित किया जाना आवश्यक है,हाल में ही विश्वविद्यालय को नेक द्वारा ए प्लस ग्रेड प्राप्त हुआ है इस प्रकार के प्रकरणों से न केवल विश्वविद्यालय की छवि धूमिल अपितु विश्वविद्यालय में पठन-पाठन के स्तर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस अनियमितता के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आज से अनिश्चित कालीन धरना करने जा रहे हैं।