समग्र मछली पालन की वैज्ञानिक विधियों पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ शुभारम्भ

समग्र मछली पालन की वैज्ञानिक विधियों पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ शुभारम्भ

Written by Prem Prakash Agarwal 2024-02-27 News
झाँसी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली - केन्द्रीय मात्स्यकी शिक्षा संस्थान, मुम्बई एवं रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी के संयुक्त तत्त्वाधान में अनुसूचित जाति उप-योजना (एससी एसपी) के अंतर्गत तीन दिवसीय समग्र मछली पालन की वैज्ञानिक विधियों का प्रशिक्षण कुलपति डाॅ. अशोक कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शुभारम्भ हुआ। इस प्रशिक्षण से बुंदेलखण्ड क्षेत्र के मछली पालक उत्कृष्ट मछली बीज उत्पादन में सक्षम होंगे। समग्र मछली पालन के नयी तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए भविष्य में इस क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा एवं मत्स्य उत्पादन को दोगुनी करने का भी लक्ष्य हैं । बुंदेलखण्ड क्षेत्र के मछली पालक उत्कृष्ट मछली बीज उत्पादन में सक्षम होंगे। अधिष्ठाता मात्स्यिकी महाविद्यालय डॉ. बी.के. बेहेरा ने बताया कि बुंदेलखण्ड के मछली पालकों को इस प्रशिक्षण के तहत उत्तम बीज तथा मछली खाद्य्य उपलब्ध कराया जायेगा। इस प्रकार के प्रशिक्षण द्वारा इस क्षेत्र के मछली पलक आत्म निर्भर हो सकेंगे एवं अन्य राज्यों पर निर्भरता भी ख़त्म होगी। इससे ग्राहकों को ताजी मछलीयाँ भी प्राप्त होंगी । अधिष्ठाता पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय डॉ. वीपी सिंह ने कहा कि मछली पालन के साथ-साथ पशुपालन कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रांगण में एकीकृत मछली, पशु पालन एवं मधुमक्खी पालन का मॉडल फार्म भी विकसित किया गया हैं। इसे देख कर किसान कृषि में विविधता को बढ़ावा व जोखिमो को भी कम कर सकते हैं। इस प्रशिक्षण में झाँसी एवं दतिया जिले के 25 किसानों ने भाग लिया। इनमें अधिकांश युवा मछली पालक एवं महिलाएँ मछली पालक शामिल हैं । इन सभी प्रशिक्षुओं को व्याख्यान के साथ साथ प्रगतिशील किसानों के यहाँ भी भ्रमण कराया जायेगा । इस अवसर पर डॉ नीलेश कुमार, डॉ. पार्थ सारथी त्रिपाठी, डॉ. पीयूष बबेले, डॉ. संजीव कुमार,सत्यनारायण परिडा,अजय कुमार राउत, चरन सिंह कुशवाहा आदि उपस्थित रहे। संचालन डॉ. नीलेश कुमार एवं आभार व्यक्त डॉ. आशुतोष शर्मा ने किया।