
अनुसंधान एवं विकास में अनुसंधान पद्धति पर डॉ. वेंकट नरसिम्हा जी का व्याख्यान
झाँसी | बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय के विज्ञान तथा कृषि संकाय में अध्ययनरत पीएचडी शोधार्थी के लिए डॉ. वेंकट नरसिम्हा , सहायक निदेशक, प्रभारी, केन्द्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, आयुष मंत्रालय, झाँसी द्वारा दवाओं की गुणवत्ता, नियंत्रण में अनुसंधान प्रगति तथा अनुसंधान एवं विकास में अनुसंधान पद्धति विषय पर व्याख्यान का आयोजन डॉ. ऋषि सक्सैना द्वारा किया गया. जिसकी अध्यक्षता प्रो. एस. पी. सिंह ने की और अपने विचार प्रस्तुत किये। उन्होंने अपने व्याख्यान में मुख्य शोध क्षेत्रों के साथ-साथ अनुसंधान के उद्देश्य, प्रेरणा, अनुसंधान के प्रकार, अनुसंधान दृष्टिकोण एवं अनुसंधान के महत्व पर प्रकाश डाला । साथ ही डॉ. नरसिम्हा जी ने दवाईओं के क्वालिटी कण्ट्रोल चेक की पद्धिति के बारे में बताया जिसमे उपयोग किये जाने वाले उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने संसथान में रासायनिक विज्ञान विभाग में इस्तेमाल किये जाने वाले विकसित उपकरण सुविधा की भी जानकारी दी तथा शोधरतियों को प्रेरित भी किया। उनके द्वारा दिया गया व्याख्यान बहुत परस्पर संवादात्मक और उपयोगी था जिसके परिणामवश शोधार्थियों ने अनेक सवाल पूछे । अंत में डॉ. ऋषि सक्सैना, समन्वयक विज्ञान द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया ।