दलहनी फसलों में किसान स्प्रिंकलर के माध्यम से करें सिंचाई ताकि फसल को पाला से बचाया जा सके:- डीडी कृषि

दलहनी फसलों में किसान स्प्रिंकलर के माध्यम से करें सिंचाई ताकि फसल को पाला से बचाया जा सके:- डीडी कृषि

Written by Prem Prakash Agarwal 2024-01-18 News
* दलहनी फसलों में किसान स्प्रिंकलर के माध्यम से करें सिंचाई ताकि फसल को पाला से बचाया जा सके:- डीडी कृषि * किसानों को दी यूरिया गोल्ड में जिंक के शामिल होने की जानकारी, दिया इस्तेमाल करने पर बल * जनपद में खाद की कोई कमी नहीं, पर्याप्त मात्रा में यूरिया,डीएपी एवं एनपीके उपलब्ध * जनपद में एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य प्रगति पर, किसानों से की सहयोग करने की अपील * प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभ से वंचित किसानों के लंबित भू-अभिलेखों तत्काल सुनिश्चित करें * किसान दिवस मात्र औपचारिकता नहीं, किसानों की समस्याओं का अधिकारी समय से निस्तारण करना सुनिश्चित करें विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन उप कृषि निदेशक श्री एम0पी0सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। किसान दिवस के आयोजन पर उपस्थित किसानों के मध्य उप कृषि निदेशक ने कहा कि किसान दिवस की बैठक मात्र औपचारिकता ना हो,कृषि से संबंधित समस्त अधिकारियों की उपस्थिति शत प्रतिशत सुनिश्चित की जाए ताकि समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसान की देश और प्रदेश की जीडीपी में अहम भूमिका है, इसके लिए उन्हें खेती-किसानी के लिए बेहतर वातावरण के साथ नई-नई तकनीकी व कृषि यंत्र उपलब्ध कराना एवं उनकी समस्याओं का समय से निस्तारण करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। इसके अतिरिक्त उन्होंने सभी विभागों को आपसी सामंजस्य बनाते हुए किसानों को अधिक से अधिक विभागीय योजनाओं का लाभ कैसे प्राप्त हो और उत्पादन को कैसे बढ़ाया जाए पर फोकस किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में उप कृषि निदेशक श्री एम0पी0सिंह ने जनपद के किसानों को यूरिया गोल्ड की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें जिंक भी शामिल है,अतः किसान भाई इसका उपयोग करें ताकि उत्पादन और उत्पादकता में बढ़ोतरी हो। उन्होंने किसानों को ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया की छिड़काव की भी जानकारी दी उन्होंने बताया कि ड्रोन के माध्यम से जहां एक ओर उर्वरक की खपत में कमी आती है वही समय की भी बचत होती है। उन्होंने बताया कि एक एकड़ खेत में छिड़काव करने में जहां पूरा एक दिन लगता है, वहीं ड्रोन के माध्यम से 05 से 10 मिनट में दवा का छिड़काव किया जा सकता है। उन्होंने ढोंगी उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस की बैठक में उप कृषि निदेशक ने जनपद की किसानों को भीषण शीत लहर के दौरान दलहनी फसलों को पाला से बचाए जाने के उपायों पर चर्चा करते हुए कहा कि किसान भाई स्प्रिंकलर के माध्यम से दलहनी फसलों में सिंचाई करें ताकि फसलों को पाला से होने वाले नुकसान को बचाया जा सके। उन्होंने किसानों से खेत की मेड़ पर धुंआ करने की भी अपील की, धुएं के माध्यम से भी फसल को पाला से बचाया जा सकता है। किसान दिवस की अध्यक्षता करते हुए उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य गति के साथ क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद झांसी में भारत सरकार द्वारा केंद्र पोषित डिजिटल मिशन ऑन एग्रीकल्चर घटक के अंतर्गत प्रदेश में उगाई जाने वाली फसलों के रियल टाइम सर्वेक्षण हेतु एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत जिओ- रेफरन्स आधारित फसल की फोटो के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्यक्रम वर्तमान वित्तीय वर्ष में रबी-2023-24 से संचालित किया जाना है। इस योजना के संचालन से किसानों को अनेक सुविधाएं प्राप्त होगीं। उन्होंने प्राप्त होने वाली सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करना,बैंक द्वारा फसली ऋण का सत्यापन किया जाना, फसल बीमा प्रस्ताव का सत्यापन किया जाना,न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादन का खरीद,सूखे के दौरान फसल नुकसान होने पर राहत / अनुदान का वितरण,राज्य के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान, किसानों को संस्थागत खरीदारों से जोड़ने का अवसर,कृषि इनपुट सप्लायर के साथ कृषकों को जोड़ने का अवसर, किसानों को लक्षित फसल सलाह प्रदान किया जाना है। आयोजित किसान दिवस की बैठक में उप कृषि निदेशक ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा की रबी के मौसम में जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों को समय से उनकी मांग के अनुसार खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करें। किसान प्रतिनिधि श्री महेंद्र शर्मा ने पराग डेरी में प्रतिदिन दूध के संबंध में जानकारी लेते हुए क्षमतावर्धन करने की मांग की ताकि अधिक से अधिक लोगों से दूध क्रय किया जा सके। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से विभागीय योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाएं जाने का सुझाव दिया। किसान श्री राजेश कुमार द्वारा सिंचाई विभाग को नेहरों का संचालन किसानों की मांग के अनुसार सुनिश्चित करें। इसके साथ ही पानी नहर के अंतिम छोर तक पहुंचे इसी भी सुनिश्चित किया जाए ताकि सभी किसानों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध हो। उन्होंने नहर के कुछ हिस्से को जल्द से जल्द रिपेयर करने की मांग की। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी श्री के के सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई श्री उमेश कुमार, एलडीएम श्री अजय कुमार शर्मा, डीडीएम नाबार्ड श्री भूपेश पाल, श्री दीपक कुशवाहा, श्री धर्मेंद्र कुशवाहा सहित वन विभाग, पशुपालन विभाग, लघु सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारी तथा किसानगण उपस्थित रहें।