विशेष सचिव, राजस्व, उ0प्र0 शासन ने की झांसी मण्डल के राजस्व एवं चकबन्दी विभाग के लम्बित वादों की समीक्षा

विशेष सचिव, राजस्व, उ0प्र0 शासन ने की झांसी मण्डल के राजस्व एवं चकबन्दी विभाग के लम्बित वादों की समीक्षा

Written by Prem Prakash Agarwal 2023-12-22 News
** विशेष सचिव, राजस्व, उ0प्र0 शासन ने की झांसी मण्डल के राजस्व एवं चकबन्दी विभाग के लम्बित वादों की समीक्षा ** मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार राजस्व एवं चकबन्दी अधिकारी पुराने वादों को प्राथमिकता के आधार पर गम्भीरतापूर्वक निस्तारित कराये, इस कार्य में किसी प्रकार शिथिलता क्षम्य नहीं होगी ** धारा-23, 27 एवं 52 के लक्ष्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाये ** राजस्व संहिता नियमावली-22(12) का समय से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये तथा धारा-24 का क्रियान्वयन भी राजस्व एवं चकबन्दी न्यायालयों में पूर्ण कराये जाये ** निर्विवाद वादों को प्रत्येक स्थिति में निर्धारित समयावधि के भीतर निस्तारित किया जाये, जिससे कृषक भाईयों एवं आम जनमानस की समस्याओं का निराकरण हो सके ** एल0आर0 एक्ट की धारा-41 के लम्बित वादों का इसी माह निस्तारण सुनिश्चित किया जाये: विशेष सचिव, राजस्व, उ0प्र0। झांसी: विशेष सचिव, राजस्व, उ0प्र0 शासन श्री अनुराग पटेल जी की अध्यक्षता में झांसी मण्डल के तीनों जनपदों (झांसी, जालौन एवं ललितपुर) के समस्त राजस्व एवं चकबन्दी सम्बन्धी वादों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा बैठक नवीन आयुक्त सभागार में आयोजित की गयी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को विशेष सचिव महोदय ने राजस्व एवं चकबन्दी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार लम्बित वादों का निस्तारण गम्भीरतापूर्वक पूर्ण करें, इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि धारा-23, 27 एवं 52 के लक्ष्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाये। पुराने वादों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाये। राजस्व संहिता नियमावली-22(12) का समय से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये तथा धारा-24 का क्रियान्वयन भी राजस्व एवं चकबन्दी न्यायालयों में पूर्ण कराये जाये। निर्विवाद वादों को प्रत्येक स्थिति में निर्धारित समयावधि के भीतर निस्तारित किया जाये, जिससे कृषक भाईयों एवं आम जनमानस की समस्याओं का निराकरण हो सके। उन्होने कहा कि एल0आर0 एक्ट की धारा-41 के लम्बित वादों का इसी माह निस्तारण सुनिश्चित किया जाये, अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित के विरुद्ध नियम संगत कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। बैठक में सर्वप्रथम राजस्व विभाग की समीक्षा की गयी, जिसमें राजस्व संहिता की धारा-24 के अन्तर्गत जनपद जालौन एवं ललितपुर की स्थिति जनपद झांसी की अपेक्षा अधिक संतोषजनक पायी गयी। बैठक में उपजिलाधिकारी न्याायिक, गरौठा के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 02 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 18 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 144 वाद, उपजिलाधिकारी न्याायिक, झांसी सदर के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 03 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 100 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 168 वाद लम्बित पाये गये जिस पर विशेष सचिव, महोदय द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुये निर्देश दिये गये कि पुराने वादों को 01 माह के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करना सुनिश्चित करें। उ0प्र0 राजस्व संहिता की धारा-34 के अन्तर्गत जनपद ललितपुर की स्थिति जनपद झांसी तथा जनपद जालौन की अपेक्षा अधिक संतोषजनक पायी गयी। बैठक में तहसीलदार झांसी के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 06 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 16 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 18 वाद, तहसीलदार न्यायिक, गरौठा के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 04 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 02 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 32 वाद, तहसीलदार न्यायिक, झांसी के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 03 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 03 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 28 वाद, नायाब तहसीलदार कोंच के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 05 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 15 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 50 वाद लम्बित पाये गये। इसी प्रकार तहसीलदार जालौन के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 07 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 07 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 40 वाद, तहसीलदार न्यायिक, जालौन के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 09 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 02 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 44 वाद, तहसीलदार, उरई के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 01 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 04 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 17 वाद, तहसीलदार, न्यायिक, कालपी के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 01 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 05 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 35 वाद, तहसीलदार, कालपी के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 01 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 03 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 36 वाद, तहसीलदार, कोंच के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 04 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 04 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 85 वाद, नायब तहसीलदार, माधौगढ़ के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 01 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 04 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 71 वाद, तहसीलदार, माधौगढ़ के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 04 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 01 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 24 वाद लम्बित पाये गये। इसी प्रकार नायब तहसीलदार, ललितपुर के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 16 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 54 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 24 वाद लम्बित पाये गये, इनके सम्बन्ध में बताया गया कि 01 माह पूर्व ही नायब तहसीलदार की तैनाती हुई है। जनपद ललितपुर में धारा-34 के अन्तर्गत न्यायिक, तहसील महरौनी की समीक्षा के तहत 05 वर्ष से अधिक अवधि के 01 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 10 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 28 वाद, तहसीलदार, ललितपुर के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 04 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 16 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 91 वाद तथा तहसीलदार न्यायिक, ललितपुर के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 03 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 05 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 35 वाद लम्बित पाये गये। उ0प्र0 राजस्व संहिता की धारा-116 की समीक्षा के अन्तर्गत जनपद झांसी में उप जिलाधिकारी न्यायिक, झांसी के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 45 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 210 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 346 वाद, उप जिलाधिकारी न्यायिक, मऊरानीपुर के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 06 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 36 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 113 वाद, उप जिलाधिकारी न्यायिक, टहरौली के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 06 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 11 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 41 वाद, उप जिलाधिकारी न्यायिक, मोंठ के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 01 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 11 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 108 वाद लम्बित पाये गये, यहां पर उप जिलाधिकारी न्यायिक, झांसी ने बताया कि अधिकांश विरासत मुकदमे हाल ही में स्थानांतरित होकर आये हैं शीघ्र ही निस्तारित कर लिया जाएगा। जनपद जालौन की समीक्षा के तहत उप जिलाधिकारी न्यायिक, उरई के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 14 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 22 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 23 वाद, उप जिलाधिकारी न्यायिक, कालपी के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 00 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 23 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 29 वाद लम्बित पाये गये। इसी प्रकार जनपद ललितपुर में अपर परगनाधिकारी के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 10 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 13 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 69 वाद, उप जिलाधिकारी न्यायिक, तालबेहट के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 00 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 21 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 226 वाद, उप जिलाधिकारी, ललितपुर के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 58 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 02 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 05 वाद तथा उप जिलाधिकारी न्यायिक, ललितपुर के न्यायालय में 05 वर्ष से अधिक अवधि के 07 वाद, 03 वर्ष से अधिक अवधि के 196 वाद एवं 01 वर्ष से अधिक अवधि के 99 वाद लम्बित पाये गये। बैठक में चकबन्दी विभाग की समीक्षा के अन्तर्गत अपर आयुक्त, चकबन्दी द्वारा बताया गया कि जनपद झांसी में कुल 03 ग्राम (हीरापुरा, बुडपुरा एवं कचनेव) चकबन्दी प्रक्रिया के अन्तर्गत लम्बित है। उन्होने बताया कि ग्राम हीरापुरा एवं बुडपुरा धारा-10 के स्तर पर लम्बित है तथा ग्राम कचनेव का धारा-23 किया जाना है। जनपद में कुल 29 निगरानियां, 62 अपीलें तथा 32 आपत्तियां लम्बित है। इस पर विशेष सचिव महोदय ने निर्देश दिये कि माह फरवरी 2024 में ग्राम कचनेव का कार्य पूर्ण कर दिया जायें। अपर आयुक्त, चकबन्दी ने बताया कि जनपद जालौन में मात्र 01 ग्राम पाली चकबन्दी प्रक्रिया के अन्तर्गत प्रचलित है। उन्होने बताया कि उक्त ग्राम का बंदोबस्ती भू-चित्र जो तहसील से प्राप्त हुआ है उस पर किसी भी समक्ष अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है तथा यह भू-चित्र राजस्व परिषद में उपलब्ध नहीं है। इस पर विशेष सचिव महोदय ने निर्देश दिये कि बंदोबस्ती भू-चित्र के रकबे का मिलान करते हुये चकबन्दी की कार्यवाही नियमानुसार आगे बढ़ाये, अन्यथा की स्थिति में जनपद जालौन के ग्राम पाली को चकबन्दी प्रक्रिया से पृथक करने का प्रस्ताव शासन को प्रेषित करें। अपर आयुक्त, चकबन्दी ने बताया कि जालौन में 05 वर्ष से अधिक अवधि की 34 निगरानियां, 26 अपीलें तथा 07 आपत्तियां लम्बित है। इस पर विशेष सचिव ने निर्देश दिये कि 05 वर्ष से अधिक पुराने वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करायें। जनपद ललितपुर के चकबन्दी कार्यो की प्रगति की समीक्षा के दौरान अपर आयुक्त, चकबन्दी ने बताया कि इस जनपद में 04 ग्राम धारा-52(1) के अन्तर्गत लम्बित है। उन्होने बताया कि धारा-23 के अन्तर्गत जनपद ललितपुर में 05 ग्राम 10 वर्ष से अधिक अवधि से लम्बित हैं। जनपद में 05 वर्ष से अधिक अवधि की 28 निगरानियां, 10 अपीलें तथा 30 आपत्तियां लम्बित है। इस पर निर्देश दिये गये कि इन 04 ग्रामों में धारा-52(1) का कार्य वित्तीय वर्ष 2023-24 में ही पूर्ण किया जाये, 10 वर्ष से अधिक पुराने अन्य वादों एवं 05 वर्ष से अधिक पुरानी निगरानियों, आपत्तियों एवं अपीलों को भी प्राथमिकता के आधार पर कराते हुये लक्ष्य की पूर्ति शत-प्रतिशत पूर्ण की जाये। इन वादों को साप्ताहिक तौर पर तिथि निर्धारित कर जनवरी 2024 तक निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। बैठक के दौरान संयुक्त विकास आयुक्त झांसी श्री ऋषिमुनि उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी न्यायिक (झांसी, ललितपुर एवं जालौन), मुख्य विकास अधिकारी (झांसी, ललितपुर एवं जालौन), बंदोबस्त अधिकारी लखनऊ अख्तर अंसारी सहित राजस्व एवं चकबन्दी विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।