
टॉप 10 सहित अन्य बकायादारों पर भी करें फोकस: जिलाधिकारी
* टॉप 10 सहित अन्य बकायादारों पर भी करें फोकस:-जिलाधिकारी * नायब तहसीलदारों से क्षेत्र में बकायादारों की ली जानकारी और वसूली बढ़ाए जाने के दिए निर्देश * वार्षिक लक्ष्य की वसूली के लिए कार्य योजना बनाते हुए वसूली में तेजी लाए जाने के निर्देश, * गरीब व्यक्तियो को न्याय दिलाने के दृष्टिगत संवेदनशील होकर कार्य करें एसडीएम व तहसीलदार :- जिलाधिकारी * तहसील सदर, गरौठा, मऊरानीपुर, टहरौली में स्टाम्प शुल्क में वसूली कम होने पर नाराजगी, तत्काल वसूली बढ़ाए जाने के दिए निर्देश * तहसीलदार धारा-67 के वादों के निस्तारण में लायें तेजी लाएं, सभी को किए लक्ष्य निर्धारित जिलाधिकारी श्री अविनाश कुमार ने कर-करेत्तर, मुख्य देय, विविध देय के राजस्व वसूली प्रगति समीक्षा के दौरान उप जिलाधिकारीयों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में तहसीलवार विभिन्न विभागों को शासन द्वारा प्रदत्त वसूली लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति संतोषजनक नहीं है। ऐसे समस्त विभाग रणनीति तैयार करते हुए प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाएं ताकि वसूली लक्ष्य को शत प्रतिशत पूर्ण किया जा सके। राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित करते हुये कहा कि अपने-अपने क्षेत्र के 10 बड़े बकायेदारो की अतिरिक्त अन्य बकायादारों को चिहिन्त करते हुये बकाया राजस्व धनराशि जमा कराएं। उन्होने कहा कि वसूली के निर्धारित मासिक लक्ष्य को प्रत्येक दशा में पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने प्रत्येक नायब तहसीलदार से अपने-अपने क्षेत्र के बकायादारों के यहां भ्रमण करते हुए उनसे की गई वसूली के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कार्य योजना बनाते हुए वसूली में तेजी लाएं उन्होंने ताकत करते हुए कहा कि लक्ष्य पूर्ण न करने वाले अमीन, नायब तहसीलदार के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। विकास भवन सभा गाड़ी में बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी श्री अविनाश कुमार ने कहा कि न्यायिक मजिस्ट्रेट अपने न्यायालयों में बैठे तथा अधिक से अधिक वादो का निस्तारण करने का प्रयास करें। उन्होने कहा कि लम्बित वादो को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करें। उन्होने कहा कि प्रत्येक मजिस्ट्रेट के लिये जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उससे अधिक वाद निस्तारित करने का प्रयास करें। जिलाधिकारी ने कहा कि धारा-34 के मुकदमों को विशेष प्राथमिकता देते हुये निस्तारण करें ताकि गरीबो को बार-बार न्यायालय के चक्कर न लगाने पड़े। इसी प्रकार धारा-80, धारा-116, धारा-24 आदि मामलों में पूरी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुये निस्तारण करें। उन्होंने जनपद के तहसीलदारों को धारा-67 के वादों के निस्तारण में तेजी लाए जाने के निर्देश देते हुए को लक्ष्य निर्धारित करते हुए माह दिसम्बर तक वादों को निस्तारण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी श्री अविनाश कुमार ने बैठक में मुख्य देय, विद्युत देय, मोटर देय, स्टाम्प वसूली की समीक्षा करते हुए कम वसूली पर नाराजगी व्यक्त की, विद्युत देय में समस्त तहसीलों का लक्ष्य 22 करोड रुपए के सापेक्ष मात्र 11 करोड़ की वसूली पर नाराजगी व्यक्त और वसूली जो कम है, प्रवर्तन कार्य में तेजी लाते हुए बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ओटीएस स्कीम का ज्यादा से ज्यादा व्यापक प्रचार प्रसार करते हुए क्षेत्र में कैंप आयोजित कराएं ताकि एक मुफ्त समाधान योजना का अधिक से अधिक लोग लाभ उठा सकें। उन्होंने स्टांप वसूली की समीक्षा करते हुए तहसील मोंठ द्वारा की गई वसूली पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष समस्त तहसीलों में वसूली पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया और निर्देश दिए कि क्षेत्र में संपत्तियों के क्रय विक्रय पर सतत् दृष्टि बनाए रखें ताकि स्टांप की चोरी को रोका जा सके। उन्होंने तहसील बार नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए की क्षेत्र भ्रमण के दौरान बकायादारों से अधिक से अधिक वसूली किया जाना सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने विभागीय कार्यवाही, आनलाइन खसरा फीडिंग, आपदा राहत, सम्पूर्ण समाधान दिवस, भू-आवंटन, आडिट आपत्तियों के निस्तारण, आयोग से सम्बन्धित संदर्भ, चकबन्दी सहित आबकारी, परिवहन, खनन व वन, सिंचाई, विद्युत आदि विभागों के बिन्दुवार राजस्व वसूली प्रगति समीक्षा की गयी तथा लक्ष्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। इस अवसर पर अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्री उत्कर्ष द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन श्री ए के सिंह, अपर जिलाधिकारी न्याय श्रीमती श्यामलता आनंद,अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री वरुण कुमार पांडेय,नगर मजिस्ट्रेट श्री वरुण कुमार पांडेय सहित समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।