
जनपद के 282174 कृषकों को सहकारी समितियां एवं निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों के माध्यम से 25378 मै0टन डी0ए0पी0 एवं 17690 मै0टन यूरिया का वितरण किया गया
** जनपद के 282174 कृषकों को सहकारी समितियां एवं निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों के माध्यम से 25378 मै0टन डी0ए0पी0 एवं 17690 मै0टन यूरिया का वितरण किया गया ** जनपद में पर्याप्त उर्वरक की उपलब्धता कहीं कोई कमी नहीं, यूरिया 17690 मैट्रिक टन व डी0ए0पी0 25378 मैट्रिक टन जिलाधिकारी श्री अविनाश कुमार ने जनपद में उर्वरक की उपलब्धता और बिक्री की समीक्षा करते हुए कहा कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। फसल के आच्छादन के अनुरूप डी0ए0पी0 और यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। उन्होंने कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी अथवा ओवर रेटिंग पर सख्त कार्रवाही किया जाना सुनिश्चित किया जाए। जनपद में अब तक की गई बुवाई के सापेक्ष उर्वरक की उपलब्धता और आने वाले समय में फसल की बुवाई हेतु लक्ष्य के सापेक्ष उर्वरक की मांग की जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक श्री एमपी सिंह ने बताया कि रबी वर्ष 2023-24 में जनपद में फसलों की बुवाई हेतु 4.04 लाख हैक्टेयर में फसल आच्छादन का लक्ष्य शासन स्तर से निर्धारित किया गया है। जिसके सापेक्ष 3.72 लाख हैक्टेयर (91.98) क्षेत्रफल मे फसलों की बुवाई की जा चुकी है। रबी फसलों की बुवाई 10 अक्टूबर से प्रारम्भ हुई थी 15 अक्टूबर से 20 नवम्बर के मध्य तिलहनी एवं दलहनी फसलों की बुवाई की गई है। जनपद मे 18473 हेक्टेयर क्षेत्रफल मे तिलहनी एवं 2.35 लाख हैक्टे0 क्षेत्रफल मे दलहनी फसलों की बुवाई की गई है। गेहूँ एवं जौ फसलों की बुवाई 01 नवम्बर से 20 दिसम्बर तक की जाती है, 07 दिसम्बर तक 1.12 लाख हैक्टे0 क्षेत्रफल मे गेहूँ एवं 5210 हैक्टे0 मे जौ की बुवाई की जा चुकी है लगभग 25000 हैक्टे0 क्षेत्रफल मे गेहूं की बुवाई की जानी शेष है जो कि मोंठ एवं झाँसी तहसील के अन्तर्गत धान फसल वाले क्षेत्र मे की जाएगी जो कि 20 से 25 दिसम्बर तक पूर्ण हो जायेगी। उन्होंने बताया कि रबी फसलों की बुवाई हेतु मुख्य रूप से डी0ए0पी0 तथा यूरिया उर्वरकों की आवश्यकता होती है तथा तिलहनी फसलों को डी0ए0पी0 एवं यूरिया के साथ-साथ सल्फर की आवश्यकता होती है जिसको सिंगल सुपर फॉस्फेट (एस0एस0पी0) के माध्यम से पूर्ति कर दी जाती है। डी0ए0पी0 उर्वरक की सम्पूर्ण मात्रा बुवाई के समय प्रयोग की जाती है तथा यूरिया की कुल मात्रा मे से एक तिहाई बुवाई के समय तथा 02 तिहाई टॉप ड्रेसिंग (छिडकाव) के द्वारा दी जाती है, सल्फर तिलहनी फसलों हेतु 25 कि0ग्रा0 प्रति हैक्टे0 की दर से बुवाई के समय या खड़ी फसल में प्रयोग कर सकते है। जनपद में 01.04 लाख हैक्टे0 मे चना 0.98 लाख हैक्टे0 में, मटर एंव 0.32 लाख हैक्टे0 में मसूर कुल 2.35 लाख हैक्टे0 मे दलहनी फसलों की बुवाई की गई जिस हेतु 20500 मै0टन डी0ए0पी0 तथा मटर में टॉप ड्रैसिंग हेतु 5000 मै0 टन यूरिया तथा तिलहनी फसलों की 18000 हैक्टे0 में बुवाई की गई है, जिसमें 1800 मै0टन डी0ए0पी0 एवं 900 मै0टन यूरिया तथा गेहूँ एवं जौ की 1.17 लाख हैक्टे0 मे बुवाई की गई है जिस हेतु 11000 मै0टन डी0ए0पी0 एवं 5600 मै0टन यूरिया इस प्रकार कुल 33300 मै0टन डी0ए0पी0 एवं 11500 मै0टन यूरिया की सम्भावित खपत का अनुमान है। उप कृषि निदेशक ने बताया कि रबी सीजन हेतु डी0ए0पी0 30262 एवं यूरिया 41985 मै0 टन वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके सापेक्ष दिनॉक07-12-2023 तक 25378 मै0 टन तथा माह सितम्बर 2023 मे कृषको द्वारा बुवाई से पूर्व लगभग 7000 मै0टन डी0ए0पी0 क्रय की गई है। इस प्रकार कुल 32378 मै0टन डी0ए0पी0 का वितरण किया जा चुका है तथा 17690 मै0टन यूरिया का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान मे जनपद मे 5000 मै0टन डी0ए0पी0 उपलब्ध है जिससे शेष गेहूँ की 25000 हैक्टे0 में बुवाई पूर्ण हो जायेगी तथा यूरिया 15540 मै0टन उपलब्ध है एवं शेष 10000 मै0टन यूरिया की उपलब्धता माह-दिसम्बर में हो जायेगी जिससे गेहूँ की बुवाई एवं टॉप ट्रैसिंग हेतु पर्याप्त उपलब्धता मॉग के अनुरूप हो जायेगी। जनपद को 07-12-2023 तक लक्ष्य 30262 मै0टन के सापेक्ष 30859 मै0टन डी0ए0पी0 प्राप्त हो चुकी है जो कि लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत है तथा यूरिया लक्ष्य 41985 मै0टन के सापेक्ष 33232 मै0टन प्राप्त हुई है जो कि लक्ष्य के सापेक्ष 79 प्रतिशत प्राप्त हुई है। बुवाई हेतु यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है तथा शेष यूरिया की आपूर्ति भी दिसम्बर माह तक हो जायेगी। आई0एफ0एम0एस0पोर्टल से प्राप्त विवरण के अनुसार दिनॉक 07-12-2023 तक जनपद के 282174 कृषको को 58 सहकारी समितियों, 04 पी०एफ० केन्द्रों एंव 168 निजी उर्वरक बिकी केन्द्रो के माध्यम से 25378 मै0टन डी0ए0पी0 एवं 17690 मै0टन यूरिया का वितरण किया गया है। तहसीलवार उर्वरकों का वितरण निम्नवत है। तहसील मोंठ में वितरण यूरिया 4595 मै0टन व डी0ए0पी0 6323 मै०टन, मऊरानीपुर में वितरण यूरिया 4984 मै0टन व डी0ए0पी0 6939 मै0टन, गरौठा में वितरण यूरिया 4382 मै0टन व डी0ए0पी0 6513 मै0टन एवं झांसी सदर में वितरण यूरिया 3729 मै0टन व डी0ए0पी0 5603 मै0टन वितरण की जा चुकी है, इस प्रकार कुल यूरिया 17690 मै0टन व डी0ए0पी0 25378 मै0टन का वितरण कर लिया गया है। उप कृषि निदेशक ने बताया कि डी0ए0पी0 उर्वरक की आपूर्ति लक्ष्य के सापेक्ष की गई है परन्तु जनपद की सीमा से सटे मध्यप्रदेश एवं अन्य जिलों के कृषको द्वारा भी जनपद के बिक्री केन्द्रों/समितियों से डी0ए0पी0 क्रय करने के प्रयास किये जाते है, जिस कारण समितियों/बिक्री केन्द्रो पर कृषको की भीड़ उर्वरक क्रय हेतु लगती है। जनपद के बाहर उर्वरको का विक्रय किये जाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है तथा तहसील/विकासखण्ड स्तर पर उप जिलाधिकारियों /खण्ड विकास अधिकारियों, पुलिस प्रशासन, कृषि विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की टीम गठित कर लगातार निगरानी की जा रही है तथा संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में डी0ए0पी0 / यूरिया का वितरण कराया जा रहा है। उन्होंने आने वाली फसल बुवाई के दृष्टिगत भविष्य हेतु रणनीति की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में लगभग 25000 हैक्टे0 में गेहूँ की बुवाई की जानी शेष है जिस हेतु वर्तमान में लगभग 5000 मै0टन डी0ए0पी0 उपलब्ध है जिससे बुवाई पूर्ण हो जायेगी तथा गेहूँ की प्रथम एवं द्वितीय सिंचाई के उपरान्त टॉप ड्रेसिंग हेतु 15 दिसम्बर से जनवरी 2024 के मध्य यूरिया की आवश्यकता होगी जिसके कम में वर्तमान में 15540 मै0टन यूरिया उपलब्ध है एवं लक्ष्य के सापेक्ष शेष लगभग 10000 मै0टन यूरिया की उपलब्धता माह-दिसम्बर 2023 तक हो जायेगी जिससे उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा मे रहेगी तथा आगामी समय में भी यूरिया का वितरण अधिकारियों/प्रशासन की निगरानी मे पी0ओ0एस0 मशीन के माध्यम से कृषक के पास उपलब्ध भूमि के आधार तथा लघु एवं सीमान्त कृषको को प्राथमिकता प्रदान करते हुये कराया जा रहा है।