
अनुशासनहीनता एवं वित्तीय अनिमित्ताओ आदेश की अवहेलना पर प्राचार्य को किया गया निलम्बित
कोंच (जालौन)- मथुरा प्रसाद महाविद्यालय की प्रबंध कार्यकारणी ने महाविद्यालय के प्राचार्य पर अनुशासन हीनता एवं वित्तीय अनिमित्ताओ आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया। साथ ही उक्त आरोपो की जांच के लिए पांच सदस्यी समिति का भी गठन किया है। एक वर्ष पूर्व मथुरा प्रसाद महाविद्यालय में प्राचार्य के पद पर नियुक्त हुए प्रोफेसर नरेश कुमार को प्रबंध समिति ने निलम्बित कर दिया उनके निलम्बन की सूचना प्रबंध समिति के प्रबंधक केदारनाथ निरंजन ने देते हुए बताया कि प्राचार्य के निलंबन के बाद महाविद्यालय के बरिष्ठ प्रोफेसर डॉ० टी आर निरंजन प्राचार्य के पद का कार्यभार देखेंगे उन्होंने बताया कि निलम्बित प्राचार्य नरेश कुमार लगातार आदेशो की अवहेलना कर रहे थे उन पर अनुशासनहीनता एवं वित्तीय अनिमित्ताओ के साथ साथ महाविधालय की संपत्ति की क्षति बिना अनुमति महाविद्यालय से अधिक समय तक अनुपस्थित रहना कर्तव्य पालन में उपेक्षा तथा महाविद्यालय व उसके शैक्षिक हितों के विपरीत आचरण अभद्रता एवं अशिष्टता के आरोप है उन्हें इसके लिए उन्हें बीती 31 मई को नोटिस भी दिया गया था लेकिन उन्होंने उसका कोई स्पस्टीकरण भी नही दिया प्रबंध समिति की बीती 22 जून की बैठक में वह अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित भी नही हुए उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए उक्त आरोपो की सत्यता से इनकार भी नही किया इसलिए समिति ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया कि वह अपना कार्यभार प्रोफेसर डॉ0 टी आर निरंजन को सौंप दे उन्होंने बताया कि निलम्बित प्राचार्य पर लगाये गये आरोपो की जांच के लिए प्रबंध समिति एवं संस्था के आजीवन सदस्य विज्ञान सीरौठिया शिव प्रसाद निरंजन लाल प्रताप सिंह सुनील लोहिया एवं संजीव कुमार तिवारी की पांच सदस्यी जांच समिति गठित की गई है उनके निलम्बन की सूचना कुलपति बुंदेलखंड विश्वविद्यालय सहित सभी बरिष्ठ उच्चाधिकारियों को दे दी गयी है। अपने निलम्बन पर प्रोफेसर नरेश कुमार का कहना है कि उनका चयन आयोग से हुआ है प्रबंध समिति को उन्हें निलम्बित करने का अधिकार नही है वर्तमान प्रबंध समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो चुका है उनके निलम्बन का अधिकार कुलपति को है।