चौत्र रामनवमी को ‘‘भए प्रगट कृपाला..श्री राम जन्मोत्सव’’ के आयोजन के लिए श्री देवराज चतुर्वेदी को समन्वयक बनाया गया

चौत्र रामनवमी को ‘‘भए प्रगट कृपाला..श्री राम जन्मोत्सव’’ के आयोजन के लिए श्री देवराज चतुर्वेदी को समन्वयक बनाया गया

Written by Prem Prakash Agarwal 2023-03-15 News
चौत्र रामनवमी को ‘‘भए प्रगट कृपाला..श्री राम जन्मोत्सव’’ के आयोजन के लिए श्री देवराज चतुर्वेदी को समन्वयक बनाया गया झाँसी। अयोध्या शोध संस्थान संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के निदेशक डा0 लवकुश द्विवेदी द्वारा आगामी चैत्र रामनवमी को भए प्रगट कृपाला श्री राम जन्मोत्सव के आयोजन के लिए श्री देवराज चतुर्वेदी निवासी गणेश विहार जिला झांसी को समन्वयक नियुक्त किया। प्रतिवर्ष प्रभु श्री राम का जन्म चेत्र रामनवमी को अत्यंत उल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष चैत्र रामनवमी 30 मार्च 2023 को है। भारतीय संस्कृति एवं परंपरा में इस पर्व का विशेष महत्व है जिसके दृष्टिगत संस्थान द्वारा प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर ‘‘भए प्रकट कृपाला-श्री राम जन्मोत्सव’’ के आयोजन का निर्णय लिया गया है। श्री राम जन्मोत्सव के इस महत्वपूर्ण आयोजन में 30 मार्च बृहस्पतिवार को कार्यक्रम निश्चित किया गया। जिसमें सुबह 9.00 से 10.00 तक शहर के प्रमुख चौराहों से होती हुई कलश यात्रा/ शोभा यात्रा एवं श्री राम जन्मोत्सव की झांकी, सुबह 10.00 बजे से 12.00 बजे तक श्री रामचरितमानस पाठ बालकांड जन्म का प्रसंग। अपरान्ह 12.00 बजे से 2.00 बजे तक प्रभु श्री राम के जन्म तक भजन कीर्तन एवं श्री राम के जन्म के अवसर पर क्षेत्र की महिलाओं, छात्राओं, उत्कृष्ट कलाकारों द्वारा पारंपरिक गीत, सोहर, नेग, बधाई-बधाबा, अन्नप्राशन, नामकरण, कर्ण छेदन, मुंडन, बरही, निकासन, छठी, पालना, खेलना, मनौती, झूलना, लोरी आदि गीतों की प्रस्तुतियां एवं अवसर के अनुकूल आवश्यकता अनुसार सायंकालीन प्रस्तुतियाँ भी की जा सकती हैं। इस कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के लिए जैसे, ध्वनि, झांकी, प्रकाश एवं मंच सभागार/प्रेक्षाग्रह तथा प्रचार-प्रसार आदि का कार्य स्थानीय स्तर पर इच्छुक/सक्रिय संस्थाओं/विभागों से प्रायोजित कराने का निर्णय लिया गया है। इस आयोजन में महिलाओं एवं छात्रों की विशेष भागीदारी का प्रयास आवश्यक है। स्थानीय जिला प्रशासन का सहयोग इस आयोजन को भव्यता प्रदान करेगा। श्रीमान जिलाधिकारी झांसी को इस अनुरोध के साथ एक पत्र संस्थान द्वारा उपरोक्त के लिए मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम को आवश्यक सहयोग प्रदान कराने के लिए सम्बन्धितों को निर्देशित करने के लिए कहा गया है।