5 जनवरी 2023 से यूपी का ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल बन्द होने से पूरे प्रदेष में गुस्सा एवं हताषा है-
5 जनवरी 2023 से यूपी का ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल बन्द होने से पूरे प्रदेष में गुस्सा एवं हताषा है- झांसी। विगत 5 तारीख से ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल यूपी बंद है लोग परेशान हैं। कब तक बन्द रहेगा इसकी सही व स्पश्ट जानकारी सरकार द्वारा न दिये जाने से आवेदक व ई-डिस्ट्रिक्ट संचालक बहुत परेशान हैं। सरकारी नौकरियों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में नये आय, जाति निवास माँगे जाने से आवेदकों को खासी परेषानियों का सामना करना पड़ रहा है। अन्तिम तिथि निकल का भय भी नव युवाओं में देखने को मिल रहा है। केन्द्र संचालकों को पैसा वापिसी, जिसका पैसा षासन को जा चुका है, अपनी जेब से वापिस करना पड़ रहा है जो कि परेशानी का सबब बना हुआ है। ई-डिस्ट्रिक्ट के अधिकारी से मिलने जिला नियंत्रण कक्ष झांसी पहुंचे तो उन्होंने बताया कि स्टेट डाटा सेंटर में तकनीकी खराबी के कारण पूरा सिस्ट्म बंद है कारण उसके हार्डवेयर में खराबी आ गई है जिसका पार्ट यहां उपलब्ध नहीं है उसको मंगाया गया है आते ही उसमें काम करके तुरंत चालू कर दिया जाएगा। जिनका आवेदन डाटा में फीड है उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है उनका डाटा सुरक्षित है जैसे ही पोर्टल प्रारंभ होगा आय जाति निवास राशन कार्ड आदि में काम होना सुचारू रूप से प्रारंभ हो जाएगा हो। हो सकता है इसमें कुछ और नए बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं क्योंकि वर्ष 2023 की शुरुआत है सरकार कुछ नई सुविधायें भी इसमें जोड़ सकती है। 5 तारीख से बंद इस पोर्टल से कितने लोगों को नुकसान हुआ यह कह पाना बड़ा मुश्किल है पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ इस तरह से पूरी व्यवस्था ठप हो जाना इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी का संकेत है। सरकार को चाहिए इतनी बड़ी और अहम व्यवस्था जिससे हजारों युवा आय जाति निवास बनवाने के लिये परेशान हैं किसी को नौकरी के लिए फॉर्म भरना है, किसी को प्रतियागी परीक्षो के लिये नई जाति निवास बनाए जाने के लिए आवेदन किया था समय रहते ना मिल पाने से उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है सरकार से यह अपेक्षा की जाती है कि पोर्टल चालू होते ही तुरंत आवेदन षीघ्रता से जांच कर प्रमाण-पत्र निर्गत किय जायें, जिससे कोई नौकरी से वंचित ना रहे। लोगों को निराषा हो रही है कि पोर्टल चालू होगा भी या नहीं। पोर्टल जल्द ही चालू नहीं होने की स्थिति में आवश्यक है कि मैनुअल रूप से आय-जाति-निवास बनवा दिये जाएं जब पोर्टल चालू हो उस पर अपडेट कर दिया जाए तो लोगों की समस्या का समाधान होना संभव है।