नगर निगम बनने के 15 वर्ष बाद भी आज वार्ड क्रं. 23 की स्थिति बद से बदतर देखने को मिली।
झाँसी। नगर निगम बनने के 15 वर्ष बाद भी आज वार्ड क्रं. 23 की स्थिति बद से बदतर देखने को मिली। चैनल की टीम जब वार्ड क्रं. 23 में पहुंची तो वहां रह रहे लोगों का जीवन स्तर एवं उनकी बातों को सुनकर मन क्षुब्ध हो गया, धरातल पर नाली व सड़क की स्थिति देखकर बड़ी पीड़ा महसूस हुई। ग्राउंड जीरो पर रिपोर्ट करने गई टीम ने जब वहां पर स्थिति का जायजा लिया तो कच्ची, अधबनी नालियों व टूटी सड़कों से सामना हुआ छतों के ऊपर से निकल रहे हाई वोल्टेज तारों को देखकर मन वास्तव में व्यथित हो गया। ऐसा लग रहा था मानो हम किसी अति पिछड़े एवं अनाथ स्थल पर पहुंच गए हों। वार्ड में रह रहे हैं लोगों ने आगे बढ़कर स्थिति क्या अवलोकन कराया। नाली पूरी तरह से पटी पड़ी हैं, रोड टूटे एवं उबड़ खाबड़ पड़े हैं, ऐसा महसूस हो रहा था जैसे बरसों से सफाई नहीं हुई। सड़कें रखरखाव के अभाव में दरक गई हैं। पानी के लिए लोग त्राहि-त्राहि कर रहे थे। ऐसे निम्न स्तर के जीवन जीने को मजबूर लोग, उनकी इस स्थिति में पहुंचाने के लिये जिम्मेदारों को कोसते नजर आये। वार्ड में एक ऐसी सड़क देखने को मिली जिसमें अधिकतर अनुसूचित जाति के लोग निवास करते हैं उस गली को जैसे किसी की नजर लगी हो न पानी का साधन है ना सड़क है और ना ही कोई सफाई की व्यवस्था है लोग कैसे रह रहे हैं यह सोच सोच कर मन परेशान होता है। स्ट्रीट लाइट भी नदारद दिखीं, रात के अंधकार, गंदगी एवं बदबूदार वातावरण में रहने के लिए मजबूर लोग व्यथित नजर आये। उनके मन में इतनी खीज भरी है कि उनका बस चले तो कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं।