कलश मंगल यात्रा - 108 कुंडीय महायज्ञ
आज दिनांक 16 नवंबर 2022 को सुबह 10:30 बजे क्राफ्ट मेला मैदान में हो रहे 108 कुंडीय महायज्ञ का विधिवत श्री गणेश 108 सौभाग्यवती महिलाओं के द्वारा कलश मंगल यात्रा के रूप में हुआ, कलश यात्रा झरना पति महादेव मंदिर प्रांगण से जल मात्रिकाओं का पूजन परम पूज्य सदगुरुदेव जी महेश स्वरूप जी ब्रह्मचारी जो कि हिमालय से पधारे हैं एवं आचार्य विद्वानों जिनमें आचार्य श्री प्रेमनारायण, जी महा पंडित चंद्रमणि मिश्रा जी यज्ञ आचार्य विष्णु भारद्वाज एवं सहयोगी विद्वानों द्वारा मंगल मंगल कलश यात्रा का ध्वज पताका के साथ किया। यज्ञशाला की परिक्रमा की परिक्रमा करते हुए ढोल नगाड़ों के साथ यज्ञशाला में प्रवेश हुआ। अरणी मंथन के द्वारा यज्ञ अग्नि देव का प्राकट्य हुआ। यह दृश्य देखकर पंडाल में मौजूद महिला एवं पुरुष यजमान के रूप में उपस्थित रोमांचित होते वास्तव में यह दृश्य दिव्य एवं आलौकिक था। इस मौके पर शहीदों की आवाज संस्था के अध्यक्ष श्री आत्मजीत सिंह ने बताया कि यह महायज्ञ वीरांगना लक्ष्मीबाई की जन्म जयंती के उपलक्ष में अट्ठारह सौ सत्तावन के आत्माओं हमारे बलिदानों एवं शहीदों की को श्रद्धांजलि के रूप में किया जा रहा है। इस महायज्ञ में स्थानीय विद्वान धर्माचार्य नगर महंत परम पूज्य श्री हरिओम पाठक जी ने अपना आशीर्वचन के रूप में झांसी की जनता से सम्मिलित होने की अपील की तथा इस महायज्ञ का लाभ लेने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए सभी को प्रेरित किया। महायज्ञ के अगले चरण में श्री गणपति पूजन के साथ सभी देवियों का मंडलों का स्तंभों का कुंडों का कलशों देवताओं का पूजन किया। के लिए किया गया साईं काल 6:00 बजे महा आरती का आयोजन हुआ जिसमें भारी संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम के आयोजक श्री हेमंत सिंह परिहार ने अपने एवं यजमान के रूप में पधारे परिवारों के साथ विधिवत पूजन में सम्मिलित हुए एवं पूरी यज्ञ कार्यक्रम के दौरान पूरी तन्मयता के साथ रहे। उक्त कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने के लिए आयोजक हेमंत सिंह परिहार द्वारा विशेष संपर्क कार्यक्रम करके लोगों को जोड़ने, महायज्ञ में सम्मिलित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।